अमृतसर जिले की केंद्रीय जेल फताहपुर की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जेल प्रशासन द्वारा की गई तलाशी के दौरान जेल परिसर के अंदर से 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें 8 की-पैड मोबाइल और 2 टच स्क्रीन मोबाइल शामिल हैं। इसके अलावा 3 सिम कार्ड और 3 चार्जर भी बरामद हुए हैं। इससे पहले 21 जनवरी 2026 को भी इसी जेल से 5 मोबाइल फोन पकड़े जा चुके हैं। लगातार दो तारीखों में मोबाइल बरामद होना जेल की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सभी मोबाइल फोन लावारिस हालत में मिलने की बात सामने आई है। प्रिजन एक्ट में केस दर्ज जेल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद प्रिजन एक्ट की धारा 42 और 52-ए के तहत केस दर्ज किया गया। मामले की जांच एएसआई हरदेव सिंह को सौंपी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इनके इस्तेमाल का उद्देश्य क्या था। जेलों में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित होते हैं, क्योंकि इनके जरिए कैदी बाहरी अपराधियों से संपर्क, अवैध धंधों का संचालन, या धमकी देने जैसी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में बार-बार मोबाइल मिलना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। जांच के घेरे में स्टाफ की भूमिका सूत्रों के अनुसार, अब जेल स्टाफ की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के इतने मोबाइल जेल तक पहुंचना संभव नहीं है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं और अचानक तलाशी अभियान तेज किए जा सकते हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।


