भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में रावी नदी के बांध टूटने से आई आपदा के बाद अब राहत और मरम्मत का काम शुरू हो गया है। बीते दिन से ही टूटे हिस्सों को भरने का कार्य चल रहा है। शुक्रवार अमृतसर जिले में रावी के तीन टूटे धुस्सी बांधों को भरने का काम शुरू हो गया। लेकिन, इसी बीच 5 बांध ऐसे हैं, जहां अभी तक मशीनरी नहीं पहुंच पाई और टूटे बांधों को भरने का काम शुरू नहीं हो पाया है। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य का जायजा लिया। उनके साथ एडीसी रोहित गुप्ता, अजनाला के एसडीएम रवींद्र सिंह और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच राहत की बात है कि अमृतसर में आज व आने वाले अगले तीन दिन मौसम विभाग की तरफ से किसी भी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया। जिसके चलते मौसम सामान्य रहने वाला है। शुक्रवार शहर में धूप खिली, जिसके चलते राहत कार्य बेहतर तरीके से चल पाए। जल्द पूरा होगा बांध बांधने का काम डीसी अमृतसर साक्षी साहनी ने उम्मीद जताई है कि बांध की मरम्मत अगले कुछ दिनों में पूरी कर ली जाएगी। बांध बांधने की सेवा लाखों लोगों के घर वापसी का साधन बनेगी। उन्होंने अपील की कि इसे पूरी ईमानदारी और मजबूती के साथ किया जाए ताकि भविष्य में ये तट लोगों की तबाही का कारण न बनें। घोनेवाल, माछीवाल और कोट रजादा में धुस्सी बांध भरने का काम शुरू
जल संसाधन विभाग के एक्सईएन गुरबीर सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर घटने और पहाड़ों से पानी कम आने के कारण खेतों का पानी अब वापस नदी में लौट रहा है। ऐसे में मरम्मत तेजी से आगे बढ़ रही है। घोनेवाल, माछीवाल और कोट रजादा में धंसानों को भरने का काम शुरू हो गया है। हालांकि 5 अन्य स्थानों पर अभी मशीनरी और ट्रैक्टर-ट्रक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहां पहुंच बनाने के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है। जैसे ही रास्ता तैयार होगा, वहां भी काम शुरू कर दिया जाएगा। 190 गांव प्रभावित, 5 लोगों की मौत, 134 घर तबाह
एडीसी रोहित गुप्ता ने बताया कि अब तक की रिपोर्टों के अनुसार जिले में 190 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। इनमें रहने वाली करीब 1.35 लाख आबादी प्रभावित हुई है। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 लोग घायल हैं और उनका इलाज जारी है। बाढ़ से 134 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 18 पशुओं की मौत हुई है।


