बरसात के मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है। {गुनगुना पानी, हर्बल टी, तुलसी-काढ़ा और नींबू-पानी का सेवन करें। {कटे-फटे फल और बाहर का जंक फूड खाने से बचें। भास्कर न्यूज| लुधियाना बरसात का मौसम अपने साथ ठंडक, ताजगी और सुकून तो लाता है, लेकिन इसी के साथ यह संक्रमण, गंदगी, फिसलन और सर्दी-जुकाम जैसी कई परेशानियां भी दे जाता है। इस सीजन में बाहर निकलते समय अगर कुछ जरूरी बातों का ध्यान न रखा जाए, तो सेहत और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है। खासकर ऑफिस जाने वालों, कॉलेज स्टूडेंट्स और रोजाना बाहर निकलने वाले लोगों के लिए मॉनसून ड्रेसिंग, फुटवियर और पर्सनल हाइजीन बेहद जरूरी हो जाते हैं। बरसात के मौसम में बाहर निकलते समय किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। बरसात का मौसम जितना खूबसूरत होता है, उतनी ही ज्यादा सावधानियां भी मांगता है। सही ड्रेसिंग, फुटवियर और हाइजीन का ध्यान रखकर आप संक्रमण, फिसलन और एलर्जी जैसी समस्याओं से खुद को बचा सकते हैं। हल्के, आरामदायक कपड़े पहनें, सही जूते चुनें, पैरों की सफाई पर ध्यान दें और हमेशा वॉटर प्रूफ बैग साथ रखें। {ड्रेसिंग, फुटवियर और ओवरऑल सेफ्टी टिप्स : बरसात में कपड़े चुनते समय इस बात का ध्यान रखें कि वे आरामदायक, हल्के और जल्दी सूखने वाले हों, ताकि गीलापन और संक्रमण से बचा जा सके। मॉनसून में डेनिम, सिल्क या मोटे फैब्रिक से बचें क्योंकि ये जल्दी सूखते नहीं। कॉटन, क्रेप, रेयान और सिंथेटिक फैब्रिक हल्के होते हैं और जल्दी सूख जाते हैं। पसीने और नमी के कारण होने वाले फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए हल्के कपड़े सबसे बेहतर हैं। रेनकोट और छतरी रखें साथ : हमेशा अपने बैग में कंपैक्ट फोल्डेबल छतरी या हल्का रेनकोट जरूर रखें। मार्केट में ट्रेंच कोट, ट्रांसपैरेंट रेन जैकेट्स और स्टाइलिश रेन कोट्स आसानी से मिल जाते हैं, जो आपको भीगने से बचाने के साथ फैशनेबल लुक भी देंगे। फिसलन और गंदगी से बचाने वाले सही जूते चुनें। बरसात में फिसलन, कीचड़ और गंदगी सबसे बड़ी परेशानियां होती हैं। इसलिए फुटवियर का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए। रबर या प्लास्टिक फुटवियर चुनें रबर, पीवीसी और प्लास्टिक के सैंडल्स या स्लिप-ऑन बरसात में सबसे ज्यादा टिकाऊ रहते हैं।ये जल्दी सूख जाते हैं और कीचड़ में खराब भी नहीं होते। बरसात में हाई हील्स पहनने से फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। लेदर के जूते गीले होने पर खराब हो सकते हैं और उनमें बदबू भी आने लगती है। ऐसे फुटवियर चुनें जिनका ग्रिप अच्छा हो और सोल एंटी-स्लिप हो। इससे फिसलन कम होगी और चलना आसान रहेगा। गहरे रंग के कपड़े पहनें : बरसात में मिट्टी, गंदगी और छींटों के दाग जल्दी लग जाते हैं। ऐसे में नेवी ब्लू, ब्लैक, डार्क ग्रीन, मरून जैसे डार्क शेड्स बेहतर रहते हैं। इससे कपड़े ज्यादा समय तक साफ-सुथरे दिखते हैं। ओवरऑल हाइजीन और स्किन केयर : बरसात में नमी और पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन, दाने और स्किन एलर्जी जैसी समस्याएं ज्यादा हो जाती हैं। कीचड़ या गंदे पानी में पैर जाने के बाद उन्हें तुरंत साबुन से धो लें। पैरों को हमेशा सूखा और साफ रखें। एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करने से दाने और दुर्गंध से बचाव होता है। बरसात में त्वचा जल्दी रूखी हो जाती है, इसलिए लाइटवेट मॉइस्चराइज़र लगाना जरूरी है। चेहरे पर ज्यादा ऑयली क्रीम लगाने से बचें, ताकि पिंपल्स और मुंहासों की समस्या न हो। बालों को भीगने से बचाएं, क्योंकि बरसाती पानी में बैक्टीरिया हो सकते हैं। अगर बाल भीग जाएं, तो तुरंत धोकर सुखा लें। हफ्ते में 1-2 बार हल्का तेल लगाएं और माइल्ड शैम्पू से सफाई करें। बरसात में बाहर जाते समय बैग और एक्सेसरीज भी सही तरह से चुनना जरूरी है। अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, डॉक्यूमेंट्स और जरूरी सामान को गीला होने से बचाने के लिए वॉटर प्रूफ बैग इस्तेमाल करें। बैग के अंदर प्लास्टिक पाउच रखना भी मददगार होता है।


