अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने विकास ग्रांटें रोके जाने के मुद्दे पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। औजला ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग करते हुए वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार से मिलने वाली विकास ग्रांटों को जानबूझकर रोके हुए है। उन्होंने कहा कि अमृतसर जिले के विभिन्न इलाकों के कई सरपंचों ने उन्हें बताया है कि महीनों से गांवों के विकास कार्य ठप पड़े हैं, क्योंकि सरकार द्वारा फंड जारी नहीं किए जा रहे। सांसद औजला ने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वित्त आयोग की ग्रांटें किसी राजनीतिक दल, गुट या विचारधारा से जुड़ी नहीं होतीं, बल्कि ये जनता द्वारा चुने गए हर सरपंच का कानूनी और संवैधानिक अधिकार हैं। विपक्षी सरपंचों पर दबाव का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी विपक्षी दलों से जुड़े सरपंचों को आम आदमी पार्टी में शामिल होने के लिए दबाव बना रही है। कई जगहों पर सरपंचों को बेवजह परेशान किया जा रहा है और कहीं विकास फंड रोककर गांवों को सजा दी जा रही है, जो पूरी तरह तानाशाही रवैया है। इस गंभीर मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सांसद गुरजीत सिंह औजला ने डिप्टी कमिश्नर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर और डीडीपीओ को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की गैरकानूनी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई तुरंत बंद नहीं की गई, तो वह इस मामले को संसद की विशेषाधिकार समिति और माननीय हाईकोर्ट में उठाएंगे। औजला ने साफ किया कि इस पक्षपाती राजनीति में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरपंचों के अधिकारों में किसी भी तरह की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वह गांवों के विकास, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर मंच पर मजबूती से लड़ाई लड़ते रहेंगे।


