अमेरिकी जांच एजेंसी FBI में अधिकारियों की वफादारी की जांच:झूठ पकड़ने वाली मशीन से पूछे जा रहे हैं सवाल

अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) इन दिनों अपने ही सीनियर अधिकारियों की वफादारी जांचने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट यानी झूठ पकड़ने वाली मशीन का उपयोग कर रही है। जिन अफसरों से सवाल पूछे जा रहे हैं, उनमें कुछ से ये भी पूछा गया कि क्या उन्होंने FBI निदेशक कश पटेल के खिलाफ कुछ नकारात्मक कहा था। अब तक FBI इस तरह के टेस्ट उन्हीं कर्मचारियों पर करती थी जिन पर देशद्रोह या गोपनीय सूचनाएं लीक करने का शक होता था। लेकिन जब से कश पटेल ने FBI निदेशक का पद संभाला है, तब से इस टेस्ट का उपयोग कई गुना बढ़ गया है। अब यह व्यक्तिगत निष्ठा जांचने का हथियार बनता जा रहा है। काश पटेल के खिलाफ बोलना नौकरी पर खतरा दर्जनों अफसरों से पॉलीग्राफ टेस्ट में पूछा गया कि क्या उन्होंने काश पटेल के खिलाफ कोई बयान दिया है। सूत्रों के मुताबिक एक बार यह पता लगाने के लिए टेस्ट किया गया कि काश पटेल के सर्विस वेपन की मांग करने की खबर मीडिया को किसने दी। काश पटेल FBI एजेंट नहीं है, उन्हें सर्विस वेपन (हथियार) का अधिकार नहीं है। FBI के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि यह एक राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित अभियान है। इसमें असहमति की कोई जगह नहीं बची है। एक पूर्व एजेंट जेम्स डेविडसन ने कहा- FBI कर्मचारी की वफादारी संविधान के प्रति होनी चाहिए। डायरेक्टर या डिप्टी डायरेक्टर के प्रति नहीं। FBI में लगातार छंटनी का दौर जारी काश पटेल जब से FBI के डायरेक्टर बने हैं, तब से एजेंसी में छंटनी का दौर शुरू हो गया है। कई शीर्ष अधिकारियों को या तो निकाला गया है या प्रशासनिक अवकाश पर भेजा गया है। कई ने खुद ही इस्तीफा दे दिया है। अधिकारियों को डर है कि उनके पुराने जांच कार्यों की वजह से उन्हें प्रताड़ित न किया जाए। FBI के लगभग 40% फील्ड ऑफिसों में शीर्ष एजेंट रिटायर हो चुके हैं या ट्रांसफर कर दिए गए हैं। FBI की इंटेलिजेंस डायरेक्टर टोन्या उगोरेट्ज को भी हटाया गया है। वे साइबर डिवीजन में प्रमुख पद पर थीं। उन्हें दो हफ्ते पहले छुट्टी पर भेज दिया गया। वजह थी एक पुरानी इंटेलिजेंस रिपोर्ट को रोकना जिसमें आरोप लगाया गया था कि चीन ने 2020 के चुनाव में बाइडेन के पक्ष में हस्तक्षेप किया। वफादार लोगों को बड़े पदों पर बैठाया जा रहा FBI में अब तेजी से ऐसे लोगों को ऊपर लाया जा रहा है जो काश पटेल और उनके डिप्टी डैन बॉन्जिनो के नजदीकी माने जाते हैं। इनमें विल रिवर्स, जो अब ब्यूरो में तीसरे सबसे बड़े पद पर हैं। उनके अलावा जेक हेमे, जो 2022 में एजेंट बने और अब पटेल के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ हैं। पटेल अपने सार्वजनिक छवि को लेकर बहुत संवेदनशील माने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में MSNBC के एनालिस्ट फ्रैंक फिग्लिउजी पर मानहानि का मुकदमा दायर किया है। फ्रैंक ने कहा था कि पटेल दफ्तर से ज्यादा नाइट क्लब में रहते हैं। पटेल ने दावा किया कि उन्होंने निदेशक बनने के बाद एक मिनट भी नाइट क्लब में नहीं बिताया। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने कनाडा पर 35% टैरिफ लगाया:बोले- अगर जवाब दिया तो और बढ़ा देंगे; बाकी देशों पर भी 15-20% टैरिफ लगेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले सामान पर 35% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। ट्रम्प ने गुरुवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को लेटर भेजकर यह ऐलान किया। पूरी खबर पढ़ें…

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