पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी रेहम खान ने मंगलवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘पाकिस्तान रिपब्लिक पार्टी’ के गठन की घोषणा की है। कराची प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रेहम खान ने कहा- मैंने पहले कभी कोई राजनीतिक पद स्वीकार नहीं किया। मैं सिर्फ एक इंसान (इमरान खान) के लिए एक बार किसी पार्टी में शामिल हुई थी, लेकिन आज मैं अपनी शर्तों पर खड़ी हूं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता की आवाज बनेगी। रेहम ने पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक हालात पर असंतोष जताते हुए कहा- यह सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि राजनीति को सेवा में बदलने का आंदोलन है।” उन्होंने बताया कि कराची प्रेस क्लब ने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया था, इसलिए उन्होंने यहीं से अपनी पार्टी की घोषणा करने का फैसला किया। रेहम ने कहा- 2012 से 2025 तक मैंने जो पाकिस्तान देखा, वहां आज भी साफ पानी और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। यह अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने पाकिस्तान की वंशवादी राजनीति पर तंज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी बिना किसी बाहरी सपोर्ट के बनाई गई है। हमारी पार्टी का कोई भी सदस्य एक साथ चार निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव नहीं लड़ेगा। हम राजनीतिक खेल खेलने नहीं आए। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… नेतन्याहू की सरकार पर खतरा, अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पार्टी ने छोड़ा गठबंधन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर खतरा मंडरा रहा है। सोमवार रात को एक अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पार्टी ने सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग होने की घोषणा की। अगर और पार्टियां गठबंधन छोड़ती हैं, तो यह नेतन्याहू की सत्ता को कमजोर हो सकती है। विवाद का मुख्य वजह अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स धार्मिक छात्रों को मिलिट्री सर्विस से मिलने वाली छूट है। ये छात्र लंबे समय से अनिवार्य मिलिट्री सर्विस से छूट ले रहे हैं। उनका कहना है कि सेना में भर्ती होने से उनकी धार्मिक जीवनशैली को खतरा होगा। लेकिन, कई अन्य यहूदी इजराइली इसे स्पेशल सुविधा मानते हैं और इस पर नाराजगी जताते हैं। गाजा युद्ध के दौरान यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। इस युद्ध में सैकड़ों इजराइली सैनिकों की मौत हो चुकी है, जिसकी वजह से अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय पर आरोप लग रहे हैं कि वे दूसरों के लिए युद्ध में जान देने वालों की तुलना में पीछे हट रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गठबंधन विवाद तुरंत नेतन्याहू की सरकार को नहीं गिराएगा। हालांकि, यह इजराइल की राजनीति में और अस्थिरता लाएगा, खासकर जब गाजा में युद्धविराम और लेबनान व सीरिया में चल रहे संघर्ष को लेकर नेता आपस में टकरा रहे हैं।


