अयोध्या धाम में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के 2 वर्ष पूरे होने पर निकली कलश यात्रा

भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर विनोबा बस्ती स्थित श्री दुर्गा मंदिर में सोमवार को भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्री दुर्गा संकीर्तन सभा प्रबंधक समिति की ओर से “द्वादशी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव’ का शुभारंभ किया गया। सुबह श्री दुर्गा मंदिर केसरिया रंग और श्रद्धा के जयकारों से गूंज रहा था। महोत्सव की शुरुआत कलश यात्रा से हुई। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा ने 1 घंटे में मुख्य मार्गों से करीब 2 किलोमीटर का भ्रमण किया। श्रीराम कथा मूल पाठ के मुख्य यजमान श्री हरि शरणम मंडली द्वारा श्रीराम कथा मूल पाठ का पूजन किया गया। इस दौरान यात्रा का कई जगहों पर फूलों से अभिनंदन किया गया। सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है कलश यात्रा : यात्रा के बाद पंडित मनोज दुबे ने कलश यात्रा का महत्व समझाते हुए कहा कि यह यात्रा सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो कोई अपने जीवन में कलश अपने सिर पर रखकर चलता है, उसके जीवन में कभी भी परेशानी नहीं आती, उसके जीवन की सारी हार दूर हो जाती है। कलश शुभ-लाभ का प्रतीक है। कलश परिवार में सुख-शांति देने वाला है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। अध्यक्ष सुशील मल्होत्रा ने बताया कि मंदिर प्रांगण में 23 से 31 दिसंबर तक रोजाना दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक श्रीराम कथा की अमृत वर्षा की जाएगी। श्रीराम कथा का वाचन श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित मनोज दुबे करेंगे एवं सहयोगी पं. ऋषि शर्मा, पं. घनश्याम मिश्रा व पं. अमर प्रकाश होंगे। श्री राम कथा का 1 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजे हवन व भंडारा से समापन होगा। मंदिर में 31 दिसंबर को रात 9:15 बजे मंदिर में “नवां साल मां दे नाल’ माता की चौकी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों के तहत 23 जनवरी 2026 को मंदिर में बसंत पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा तथा 13 फरवरी को बाबा श्याम का मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम खाटू श्याम धाम के महंत मोहनदास महाराज के सान्निध्य में होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कथा आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष सुशील मल्होत्रा, सचिव राजेश वाट्स, कोषाध्यक्ष संदीप कटारिया, उपाध्यक्ष बिट्टू ठक्कर, उप सचिव जितेन्द्र जसूजा, ऑडिटर प्रदीप गर्ग सहित अन्य सेवादार जुटे हुए हैं। पंडित मनोज दुबे के अनुसार द्वादशी प्राण प्रतिष्ठा का अर्थ है, अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा (स्थापना) की वर्षगांठ, जो भारतीय पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। चूंकि 2025 में यह तिथि दो बार आई, इसलिए इस साल यह उत्सव दो बार मनाया गया। एक बार 10 जनवरी 2025 को और दूसरी बार 31 दिसंबर 2025 को, जिसमें धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन हुए। आने वाले साल 2026 में प्रतिष्ठा द्वादशी (राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ) 19 जनवरी को मनाई जाएगी।

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