श्री अय्यप्पा सेवा समिति के तत्वावधान में शिवाजी नगर स्थित अय्यप्पा मंदिर का 14वां प्रतिष्ठा वार्षिक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति से मनाया गया। इस अवसर पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
समिति के प्रवक्ता सन्तोष कुमार पी. ने बताया कि सुबह 05:30 बजे हरिनाम संकीर्तन से कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद अष्टद्राव्य गणपति हवन, उष पूजा, महा मृत्युंजय हवन, कलश पूजा, कलशाभिषेक, कुम्भाभिषेक, मध्यान्ह पूजा एवं नाग पूजा संपन्न हुई। दोपहर में महाप्रसादी का आयोजन किया गया। शाम को केरल की पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं द्वारा दीपक थाल सजाकर तालाप्पोली सहित भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा श्री अय्यप्पा मंदिर शिवाजी नगर से शुरू होकर शिव हनुमान मंदिर, प्रताप नगर स्थित इच्छापूर्ति बालाजी मंदिर होते हुए वापस श्री अय्यप्पा मंदिर पहुंची। इसके बाद पाली श्री अय्यप्पा सेवा महिला मंडल द्वारा तिरूवातिराकली प्रस्तुत की गई। समिति के कोषाध्यक्ष मुरलीधरन उन्नीतान ने बताया कि शाम को को महादीप आराधना, आतिशबाजी, फूलमंडली, भगवती सेवा, भजन संध्या, अत्ताष पूजा, वलियकाणिक्का एवं अन्नदानम के साथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर केरल से आए पुजारी अजित तिरूमेनी, गणपति तिरूमेनी एवं शरत तिरूमेनी द्वारा विशेष पूजा-अर्चना संपन्न करवाई गई। चेन्डामेळम वादन जयकृष्णन एंड पार्टी (केरल) ने किया।
समिति के सचिव प्रसन्न कुमार ने बताया कि इस अवसर पर भजन संध्या में अय्यप्पा भजन मंडली पाली एवं महिला भजन मंडली पाली द्वारा भगवान श्री अय्यप्पा, गणपति, शिव, कृष्ण, मुरुगन, माता सरस्वती एवं माता लक्ष्मी के भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


