अरनोद उपखंड में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन स्वयंसेवकों की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री हेमंत मीणा को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप ज्ञापन में बताया गया है कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक का मुख्य दायित्व बाढ़, आगजनी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में जोखिम भरी परिस्थितियों में राहत पहुंचाना होता है। इसके लिए शारीरिक रूप से सक्षम व्यक्तियों की आवश्यकता होती है। आमतौर पर भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और मौखिक परीक्षण के आधार पर मेरिट तैयार की जाती है। हालांकि, इस बार अरनोद उपखंड में नियमों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन बिना किसी शारीरिक दक्षता परीक्षण के केवल दस्तावेजों के आधार पर कर लिया गया है। वहीं, शेष 25 प्रतिशत उम्मीदवारों की केवल दौड़ करवाई जा रही है। 45 वर्ष से ज्यादा आयु के अभ्यर्थी भी शामिल तैयार की गई सूची में 45 वर्ष से ज्यादा आयु वाले अभ्यर्थियों के नाम भी शामिल बताए गए हैं। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि समस्त प्रक्रिया कार्यालय में बैठकर मनमाने ढंग से संचालित की जा रही है और पदों की संख्या के बराबर ही चुनिंदा लोगों को फोन कर बुलाया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया को दोबारा करवाने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी अभ्यर्थियों की आयु वर्गवार सूची तैयार की जाए और सभी का समान रूप से शारीरिक दक्षता परीक्षण कराया जाए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को तत्काल स्थगित कर जिला मुख्यालय पर दोबारा नियमानुसार तरीके से करवाने की मांग भी उठाई। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


