बिलासपुर में अरपा भैंसाझार परियोजना में एक ही खसरे का अलग-अलग रकबा दिखाकर मुआवजा बांटने में 3 करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपए की अनियमितता की गई। पहले जांच में कोटा के तत्कालीन एसडीएम आनंद रूप तिवारी, कीर्तिमान सिंह राठौर समेत अन्य अफसरों को दोषी पाया गया था, लेकिन पर किसी पर कार्रवाई नहीं की गई। अब दोबारा जांच के बाद केवल पटवारी को दोषी बताया गया है। मंगलवार को इस मामले में केस दर्ज करने के साथ ही पुलिस आरोपी आरआई व तत्कालीन पटवारी को खोजते हुए हाईकोर्ट पहुंची। इससे पहले ही विभाग के लोगों ने उसे सूचना दे दी और वो फरार हो गया। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है। दरअसल, अरपा भैंसाझार प्रोजेक्ट जब शुरू हुआ और जमीन अधिग्रहण किया गया, तब मुआवजा बांटने की आड़ में 3.42 करोड़ का घोटाला कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। मामला सामने आने पर तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने जांच की थी, तब तत्कालीन कोटा एसडीएम आनंद रूप तिवारी, कीर्तिमान सिंह राठौर, तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहर साय सिदार, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक हुल सिंह, तत्कालीन पटवारी दिलशाद अहमद, मुकेश साहू के अलावा जल संसाधन विभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता आरएस नायडु, अशोक तिवारी, तत्कालीन एसडीओ तखतपुर राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, आरपी द्विवेदी, उप अभियंता तखतपुर आरके राजपूत को जिम्मेदार माना गया था। दोबारा जांच में केवल पटवारी को माना दोषी
विधानसभा में जब मामला उठा तो बताया गया कि इस प्रोजेक्ट में मुआवजा बांटने की आड़ में 3.42 करोड़ का घोटाला कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा गई है। लेकिन, दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने दोबारा जांच टीम गठित की। जांच में पुष्टि हुई कि साहू ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और भूअर्जन अधिकारी कोटा को भूअर्जन प्रकरण में एक खसरे का चार अलग-अलग रकबा दर्शाते हुए विरोधाभासी प्रतिवेदन दिया था। बटांकित खसरा नंबरों को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के बगैर ही मर्ज कर दिया था। मामले में पटवारी साहू के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। जांच के दौरान उसे सस्पेंड कर दिया गया था। जांच टीम ने सोमवार को कलेक्टर अवनीश शरण को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें आरआई मुकेश साहू द्वारा 3.42 करोड़ रुपए की गड़बड़ी करना साबित हुआ है। हैरानी की बात है कि पहले के जांच के दोषी अफसरों को क्लीन चिट दे दी गई। खोजते हुए हाईकोर्ट पहुंची पुलिस, चकमा देकर भाग आरआई
कलेक्टर ने एसडीएम को दोषी सस्पेंड आरआई मुकेश साहू के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए हैं। साथ ही उसे बर्खास्त करने प्रकरण शासन को पत्र भेजा गया है। जिसके बाद मंगलवार को आरोपी सकरी के तत्कालीन पटवारी और वर्तमान में आरआई के खिलाफ सकरी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। इस दौरान उसके फरार होने की आशंका पर पुलिस एफआईआर करने से पहले पुलिस लोकेशन ट्रेस कर आरआई को गिरफ्तार करने 5 मिनट में हाईकोर्ट पहुंची। लेकिन, विभाग के ही लोगों ने उसे इसकी सूचना दे दी। जिस पर वो पुलिस को चकमा देकर भाग गया। जिसके बाद पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।


