अरावली के मामले में कांग्रेस नेताओं ने लड्डू बांटे:बीजेपी सरकार के फैसले को जन भावना के खिलाफ माना

अरावली की नई परिभाषा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी व्याख्या को नहीं मानते हुए पुराने आदेश को लागू नहीं करने की बात कही। जिस पर अलवर में कांग्रेस नेताओं ने लड्डू बांट खुशी जताई। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत के साथ काफी संख्या में कांग्रेसी नंगली सर्किल पर जुटे और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। असल में सुप्रीम कोर्ट की अरावली की पहाड़ियों को 100 मीटर के दायरे में लाने के फैसले के खिलाफ आमजन ने विरोध जताया था। कांग्रेस नेताओं ने भी पूरे प्रदेश में आंदोलन किए थे। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने खुद के आदेश को रोक लिया है। जिसमें पहले अरावली की पहाड़ियों कीयह व्याख्या की गई थी कि 100 मीटर या उससे ऊंची पहाड़ियाें को अरावली मानकर उसमें खनन नहीं होने दिया जाए। इस व्याख्या से आमजन में गुस्सा दिखा। आमजन ने यही माना कि सरकार अरावली की 100 मीटर से नीचे की पहाड़ियों में खनन करोन की मंशा रखती है। इससे तो अरावली खत्म हो जाएगी। हालांकि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस व्याख्या को खूब समझाया कि नई परिभाषा से भी अरावली का अधिकतर हिस्सा सुरक्षित है। उसमें खनन नहीं हो सकता। लेकिन आमजन ये चाहता है कि अरावली में खनन की मंशा नहीं है तोनई परिभाषा गड़ने की जरूरत क्या रही। इस मसले पर जनता का विरोध भी दिखा। अब जनता के विरोध को देखकर सुप्रीम कोर्ट ने मामले में पुरानी व्याख्या को रोक लिया है। आगे इसे नए सिर से सामने लाने से पहले चारों राज्यों की एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने की बात कही है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने कहा कि भाजपा की अरावली को मिटाने की मंशा पर सर्वोच्च न्यायालय ने कठोर प्रहार करते हुए जनता की भावनाओं के पक्ष में फैसला दिया है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। सरकार अपने खनन माफिया मित्रों को लाभ पहुंचाने के मकसद से नई परिभाषा लागू कराना चाहती थी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *