उदयपुर शहर के हाथीपोल थाने में मेवाड़ हेल्थ मैनेजमेंट प्रा. लिमिटेड की डायरेक्टर सुरभी पोसवाल ने पंचवटी स्थित अरिहंत नर्सिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर मयंक कोठारी सहित 4 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामला कॉलेज प्रॉपर्टी से जुड़ा है। प्रकरण में मयंक कोठारी के पिता अर्डम शिक्षक एवं शोध संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ देव कोठारी, भाई अनुराग कोठारी सहित डॉ सुभाष कोठारी को आरोपी बनाया है। एफआईआर में बताया कि जिस भवन में नर्सिंग इंस्टीट्यूट संचालित है। उसके लिए 13 अक्टूबर 1999 को नगर निगम ने आवासीय स्वीकृति दी थी लेकिन मेवाड़ हेल्थ मैनेजमेंट कंपनी के डायरेक्टर डॉ देव कोठारी द्वारा सम्पत्ति पर कब्जा करने की नियत से इसे छिपाया गया। कंपनी रिकॉर्ड में आरोपी डॉ देव कोठारी को किसी भी तरह की किराया चिट्टी तैयारी करने, भवन किराए पर देने के लिए अधिकृत नहीं किया था। इसके बावजूद इन्होंने जमीन हड़पने की नियत से अपनी निजी संस्था के पक्ष में फर्जी किराया चिट्टियां बनाईं। आरोपियों ने सम्पत्ति का अवैध तरीके से उपयोग किया
शिकायतकर्ता सुरभी पोसवाल ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपियों ने नर्सिंग कॉलेज की स्वीकृति और इसके संचालन के लिए जो दस्तावेज लगाए गए थे। वे पूरी तरह कूटरचित हैं। परिवादी ने कंपनी की सम्पत्ति का अवैध उपयोग किया है। इससे कंपनी को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया कि वर्ष 2006 में किराया चिट्टी में डॉ देव कोठारी ने यह भवन विशेष रूप से शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किराए पर देना दर्शाया। जिसमें स्कूल, कॉलेज, ट्रेनिंग सेंटर संचालित हो सके। जबकि नगर निगम ने अपने अनुमति पत्र में सिर्फ आवासीय प्रयोग के लिए ही डॉ देव कोठारी के नाम पत्र जारी किया था। आरोपियों ने आवासीय अनुमति को जानबूझकर छिपाया। कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ मुकदमा
परिवादी सुरभी पोसवाल ने बताया कि हाथीपोल थानाधिकारी ने उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने एसपी को शिकायत की। वहां भी कुछ नहीं हुआ तो कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद थाने में शिकायत दर्ज हुई है।


