रविवार को वही हुआ जिसकी चिंता बीते एक हफ्ते से अर्बन एस्टेट फेज-1 व सुभाना के लोग जता रहे थे। लोगों में डर था कि अगर किसी का निधन हो गया तो बंद रेलवे क्रॉसिंग से कैसे गुजरेंगे। रविवार को कन्यावाली के रहने वाले देसराज की मौत हो गई। ऐसे में बंद रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग कर रहे लोगों ने रेलवे लाइन पर स्व. देसराज की पार्थिव शरीर को कंधे पर रखकर रोष प्रदर्शन किया। लोगों ने घोषणा कर दी है कि जब तक फाटक नहीं खोला जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच सोमवार को रेलवे की एक टीम इस इलाके का दौरा करने आ रही है। इस टीम की रिपोर्ट के बाद फैसला होना होगा कि फाटक खोले जाएंगें या नहीं। बता दें जालंधर में चंदन नगर में व्हीकल अंडर पास बनने के बावजूद दीन दयाल उपाध्याय नगर के रेलवे क्रॉसिंग को लोगों की मांग पर ही खुला रखा गया है। सुभाना अंडरपास बनाने के लिए निगम ने लगभग 7 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। विशेष आज्ञा मिलने पर दोनों रेलवे क्रॉसिंग को खुला रखने का फैसला रेलवे ने करना है। शव लेकर जा रहे परिजनों व स्थानीय लोगों ने कहा कि अभी तो फाटक के दोनों तरफ खुदाई करके वाहनों की आवजाई पर रोक लगाई है। अगर दीवार बन गई तो पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। वहीं रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से आरपीएफ के मुलाजिमों ने अपील की कि वह अपनी मांग को डीसी के सामने रखें। ट्रैक को बंद न करें। इस दौरान आरपीएफ मुलाजिमों ने वीडियोग्राफी भी की। विजय कुमार ने बताया कि अर्बन एस्टेट फेज-2 और पंजाब एवेन्यू के फाटक से हर रोज 15 से ज्यादा स्कूलों की बसें गुजरती थीं। दोनो फाटक बंद होने के कारण दिक्कत आ रही है। कूड़ा उठाने वालों ने कहा कि कई किलोमीटर घूमकर आना पड़ रहा है।


