अर्बन एस्टेट-3 : लैंडपूलिंग पॉलिसी का विरोध तेज

जेडीए द्वारा लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत नया अर्बन एस्टेट फेज-3 बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की जा रही है, जिसका विरोध शुरू हो गया है। अर्बन एस्टेट की 66 फीट रोड के पास 6 गांव की जमीन अधिग्रहित होनी है। किसानों ने कहा कि उन्हें लैंडपूलिंग पॉलिसी मंजूर नहीं। कुक्कड़ पिंड के गुरुद्वारा साहिब में किसानों की बैठक में कैंट विधायक परगट सिंह और शाहकोट विधायक लाडी शेरोवालिया पहुंचे। किसानों ने दोनों को इस पॉलिसी के विरोध में मांगपत्र सौंपे। दोनों विधायकों ने भरोसा दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में यह मुद्दा रखेंगे। सुखबीर सिंह, कुक्कड़ पिंड के सरपंच जुगराज सिंह, नंगल करार खां से अमरदीप सिंह, गुरिंदर सिंह, रणधीर सिंह ने कहा कि जनता को सरकार की योजना मंजूर नहीं। हम जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि पंजाब सरकार की नई लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 किसानों के हक में नहीं। इसके तहत 6 गांवों की जमीन बिना किसी मुआवजे के लिए ली जानी है। ये गांव हैं- रहमानपुर, अलीपुर, कुक्कड़ पिंड, नंगल करार खां, कोट कलां और कोट खुर्द। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। किसानों की मांगें बिना मुआवजा जमीन लेना अन्यायपूर्ण है। अगर अधिग्रहण करना ही है तो किसानों की सहमति से किया जाए। सरकार को विकास कार्यों के लिए जमीन चाहिए। इसलिए उचित मुआवजा भी दे। क्षेत्र में है शहर की उपजाऊ जमीनें जिन 6 गांव की जमीनों पर अर्बन एस्टेट 3 बसाने की योजना है वहां सबसे उपजाऊ जमीन है। यहां धान, गेहूं उगाया जाता है। साल 2000 के दशक में भी पुडा ने लैंड पूलिंग पॉलिसी तैयार की थी लेकिन वह इसे लागू करने में विफल रही थी। इस पॉलिसी के तहत किसान से जमीन लेने के बाद उन्हें प्राइम लोकेशन वाला प्लाट दे दिया जाता था। अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे: परगट सिंह विधायक परगट सिंह ने कहा कि आप सरकार बड़े कार्पोरेट घरानों को यह जमीन बेचने की तैयारी में है। इस जमीन के बदले किसानों को सिर्फ एक लेटर थमा दी जाएगी। जिसमें लिखा होगा कि जमीन विकसित करने पर उन्हें 500-500 गज के दो प्लाट और एक 200 गज का एससीओ दे दिए जाएंगे। इसलिए इसके विरोध में सामाजिक तौर पर इकट्ठे होने की जरूरत है।

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