ब्रजेश पांडेय | बालोद जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए जिला अस्पताल के बगल में जिले का पहला अर्ली इंटरवेशन सेंटर (डीईआईसी) की बिल्डिंग तैयार हो चुकी है। जिसके बाद निर्माण एजेंसी छत्तीसगढ़ मेडिकल्स सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड दुर्ग संभाग ने जिला अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर कर दिया है। सीएमएचओ का दावा है कि जल्द ही स्टाफ की भर्ती के बाद सेंटर शुरू हो जाएगा। अनुमानित समय 15 फरवरी तक है। इसके पहले भी सेंटर शुरू हो सकता है। सेंटर शुरू होने के बाद परिजन अपने बच्चों को यहां लाकर चेकअप करवा सकते हैं। छत्तीसगढ़ मेडिकल्स सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड के इंजीनियर गौरव साहू ने बताया कि लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से बिल्डिंग तैयार हुई है। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर की विभागीय कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है। प्रबंधन की ओर से स्टाफ की भर्ती, जरूरी उपकरण की व्यवस्था करने के बाद सेंटर शुरू किया जाएगा। विभागीय जानकारी अनुसार सेंटर में फिजियोथेरेपी सहित अन्य कई सुविधाएं मिलेगी। मल्टी डिसिप्लिनरी टीम करेगी इलाज, काउंसिलिंग स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अर्ली इंटरवेशन सेंटर में आने वाले बच्चों का इलाज व काउंसिलिंग मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम करेगी। टीम में बाल रोग विशेषज्ञ, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, सर्जन और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल रहंेगे। सेंटर में जन्म के बाद दिव्यांग होने वाले बच्चों का इलाज एक ही छत के नीचे होगा। परिस्थिति अनुसार न्यूरो स्पीच, न्यूरो साइकेट्रिक और फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ भी सेवाएं देंगे। दिव्यांगता को दूर करना सेंटर खोलने का उद्देश्य सीएमएचओ डॉ. जेएल उइके ने बताया कि सेंटर में बच्चों को भर्ती भी करेंगे। कई बच्चे ऐसे होते हैं, जिनकी उम्र बढ़ने के साथ बोलने, सुनने या चलने समेत मानसिक विकास नहीं हो पाता। इंटरवेंशन सेंटर में इलाज के साथ प्रशिक्षण से उनकी दिव्यांगता दूर की जाएगी। यही सेंटर खोलने का उद्देश्य है।


