कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सोमवार को अलवर आने का कार्यक्रम पोस्टपोंड हो गया है। यहां उनके राम मंदिर जाने का शेड्यूल भी था। जहां टीकाराम जूली के जाने के बाद बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने गंगाजल छिड़का था। बता दें कि भाजपा के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने 6 अप्रैल को टीकाराम जूली को लेकर विवादित बयान दिया था। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर आया तो कांग्रेसी नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद 8 अप्रैल को कांग्रेस ने पूरे राजस्थान में विरोध प्रदर्शन किया था। सबसे पहले जानिए… आखिर विवाद क्या है?
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली 6 अप्रैल को अपना घर शालीमार बाग (अलवर) में रामलला मंदिर गए थे। इसके बाद ज्ञानदेव आहूजा ने कहा था- टीकाराम जूली हिंदू विरोधी हैं। वो करणी माता मंदिर गए और श्रीराम मंदिर भी गए। अब उनके जाने के बाद मैं जाऊंगा और इनके जो अपवित्र पैर पड़ेंगे वहां, हाथ लगेंगे मूर्तियों को, वहां गंगाजल छिड़कर कर भगवान श्री राम का पूजन करूंगा। अगले दिन 7 अप्रैल को रामगढ़ (अलवर) के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा रामलला मंदिर पहुंचे और गंगाजल का छिड़काव किया था। यहां ज्ञानदेव आहूजा ने कहा था- रामनवमी के दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान कांग्रेसियों को भी बुलाया गया, जिससे मंदिर अपवित्र हो गया। मैंने गंगाजल छिड़क कर पवित्र किया है। भाजपा ने आहूजा को पार्टी से किया निलंबित
आहूजा के बयान को लेकर विरोध हुआ तो भाजपा ने उनके बयान से किनारा कर लिया और ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं सांसद दामोदर अग्रवाल ने 8 अप्रैल को ज्ञानदेव आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया है- टीकाराम जूली के दर्शन करने के बाद श्रीराम मंदिर में आहूजा ने गंगाजल का छिड़काव किया। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। यह घोर अनुशासनहीनता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि हमारी इस बयान में कोई सहमति नहीं है। उन्होंने किस प्रसंग में क्यों यह बयान दे दिया, समझ में नहीं आया। गंगाजल विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जूली बोले- मूर्ख बनाने के लिए आहूजा का निष्कासन:BJP का धर्म, जाति के नाम पर लड़ाने का एजेंडा, CM कुछ भी बोलने को तैयार नहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- भाजपा धर्म और जाति के नाम पर लड़ाने का एजेंडा लेकर चल रही है। अलवर के मंदिर में गंगाजल छिड़कने के विवाद को लेकर भाजपा के मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। केवल विधायक ज्ञानदेव आहूजा का निष्कासन कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निष्कासन तो पहले भी हुआ था, लेकिन वापस ले लिया गया। यह निष्कासन केवल आम जनता को मूर्ख बनाने के लिए है। इसे भी वापस ले लिया जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर)


