अलवर की सिलीसेढ़ झील क्षेत्र में संचालित होटल ‘देसी ठाठ’ की सील खोलने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने एडीजे कोर्ट थर्ड के 6 दिसंबर 2025 के आदेश पर कहा कि मामले में पूरी सुनवाई 12 दिसंबर को की जाए। होटल की सील खोलने को लेकर साफ आदेश नहीं हैं। यह कार्रवाई यूआईटी (Urban Improvement Trust) द्वारा दायर अपील पर की गई। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति से रिट याचिका का निपटारा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 दिसंबर 2025 का निचली अदालत का आदेश अब निरस्त माना जाएगा। मामले में अस्थायी निषेधाज्ञा का मूल आवेदन अभी भी ट्रायल कोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को 12 दिसंबर 2025 तक इस आवेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि ट्रायल कोर्ट को यह तय करना होगा कि होटल की सील खुली रहनी चाहिए या नहीं। निचली अदालत का आदेश रद्द मामले में अस्थायी निषेधाज्ञा का मूल आवेदन अभी भी ट्रायल कोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को 12 दिसंबर 2025 तक इस आवेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि ट्रायल कोर्ट को यह तय करना होगा कि होटल की सील खुली रहनी चाहिए या नहीं। यूआईटी ने 4 दिसंबर को सिलीसेढ़ क्षेत्र के देसी ठाठ, मेधावन, द जंगल लेप, नमन बाग फतेहगढ़ फॉर्म, बाबा होटल, सासु की ढाणी, गुप्ता झील, नील कमल रेस्टोरेंट, राजस्थानी होटल और सिलीसेढ़ इन को सील किया था। एडीजे कोर्ट थर्ड ने देसी ठाठ होटल को 6 दिसंबर को शादी–फंक्शन के लिए 28 दिसंबर तक सील हटाने की अनुमति दी थी, जिसे यूआईटी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।


