अलवर जिले में बफीर्ली हवा ने आमजन को घरों में कैद कर दिया। इस सीजन में पहली बार पारा जमाव बिंदू की तरफ पहुंचने वाला है। हाड़ कंपाने वाली सर्दी अब शुरू हुई है। बुधवार सुबह 9 बजे लोग घरों से निकलने में कतराते रहे। बुजुर्ग लोगों के पैरों में चीस चलने लगी गई। सूई की तरह सर्दी की चुबन है। हालांकि अलवर कलेक्टर ने 10 जनवरी तक 5वीं कक्षा तक के बच्चों के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर रखी है। वैसे तो 31 जनवरी से अलवर में सर्दी का रुख तेज हुआ। लेकिन जनवरी के पहले सप्ताह में कड़ाके की सर्दी रही। अब 6 जनवरी की शाम से ही बर्फीली हवा ने आमजन को ठिठुरा दिया। शाम के बाद आमजन का घरों से निकलने का मन नहीं कर रहा। असल में बाहर निकलते ही घर के दरवाजा भी बर्फ जितना ठंडा है। ऊपर से हवा में सूल जैसी चूबन है। जिसके कारण लोग सुबह 9 बजे भी घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे। रामगढ़ से अलवर मजदूरी करने आए लोगों ने बताया कि 2 से 5 किलोमीटर बाइक भी नहीं चला पाए। बीच में रुक रुक कर आना पड़ा। हाथ जाम हो गए। धूप नहीं होने से सर्दी ज्यादा अलवर में बुधवार को घने बादल हैं। लेकिन कोहरा कम है। धूप नहीं निकलने के कारण शीतलहर ने आमजन को कंपकंपा दिया है। पूरे अलवर में यही हाल है। कहीं न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक आ गया तो कहीं 8 डिग्री तक तापमान है। अधिकतम तापमान भी दो से तीन डिग्री कम हुआ है।


