सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अलवर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को आयोजित दीक्षांत परेड में देशसेवा के लिए तैयार हुए नव आरक्षियों ने अनुशासन, शौर्य और युद्ध कौशल का भव्य प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड पर कदमताल की गूंज, बैंड की मधुर धुन और साहसिक अभ्यासों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर 10वें और 11वें बैच (बीआरटीसी) के जवानों ने कठोर प्रशिक्षण की झलक पेश करते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ बल की मुख्यधारा में कदम रखा। दीक्षांत परेड के मुख्य अतिथि सशस्त्र सीमा बल के महानिरीक्षक पारुल कुश जैन रहे। परेड का आयोजन उप महानिरीक्षक संजीव यादव के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के दौरान भव्य बैंड प्रदर्शन, योग प्रदर्शन, टैटू ड्रिल और सैन्य कौशल से जुड़े अभ्यासों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नव आरक्षियों ने शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन, अनुशासन और युद्ध कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। नव आरक्षी शिवानी भट्ट ने संभाली दीक्षांत परेड की कमान दीक्षांत परेड की कमान नव आरक्षी शिवानी भट्ट ने संभाली। परेड में कुल 365 आरक्षियों ने हिस्सा लिया,जिनमें 34 महिला नव आरक्षी शामिल रहीं। परेड के बाद राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर की ओर से नव आरक्षियों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह प्रमाण-पत्र उनके प्रशिक्षण को शैक्षणिक मान्यता और संस्थागत मानक प्रदान करता है। नव आरक्षियों के कठोर, अनुशासित और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रतीक यह दीक्षांत परेड नव आरक्षियों के कठोर, अनुशासित और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रतीक रही। इसके साथ ही वे सशस्त्र सीमा बल की गौरवशाली परंपराओं, मूल्यों और राष्ट्र सुरक्षा के दायित्वों के निर्वहन हेतु औपचारिक रूप से बल का अभिन्न अंग बने। कार्यक्रम में संजय कुमार कोठारी उप महानिरीक्षक आईटीबीपी रामगढ़, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरप्रीत कौर गिल (आर्मी कैंप इटाराना), जब्बार आईएएस वरिष्ठ अधीक्षक डाकघर अलवर, डॉ. देबाशीष त्रिपाठी कमांडेंट (वेटनरी) डीटीबीसी डेरा, एस.के. शर्मा सहायक कमांडेंट सीआईएसएफ बहरोड़, वर्षा राठौड़ (राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर), शिवानी यादव (लघु उद्योग भारती अलवर) तथा सुधीर माथुर (अरनिमा सोशल वेलफेयर फाउंडेशन) सहित कई अधिकारी, अतिथि और प्रशिक्षक मौजूद रहे।


