भास्कर खास नगर विकास कार्यों की शिला पट्टिकाओं पर अब विकास से ज्यादा नामों की राजनीति हावी होती दिख रही है। शहर के कई वार्डों में पार्षद अपने क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की शिला पट्टिकाओं पर अपने नेताओं के नाम लिखवाने में जुट गए हैं। हाल ही में वार्डों में सड़क, नाली, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों के उद्घाटन या शिलान्यास के दौरान पार्षदों ने अपने राजनीतिक आकाओं का नाम प्रमुखता से पट्टिका पर दर्ज करवा रहे हैं। ऐसे में यदि नगर नगर निगम और यूआईटी की ओर से शिला पट्टिकाओं पर उनके नाम नहीं लिखे जा रहे हैं तो प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर स्वयं के खर्च से पट्टिकाएं बनावा दी और कार्यक्रम नगर निगम के नाम से कार्यक्रम आयोजित कर दिया। पिछले तीन दिनों से शहर के अलग-अलग वार्ड में ये रार देखने को मिल रही है। कुछ वार्ड में कांग्रेस पार्षद अपने नेताओं को खुश करने में लगे हैं यहां पर न तो महापौर आए और न ही स्थानीय विधायक आ जा रहे हैं। वहीं भाजपा के पार्षद भी पीछे नहीं है। वह भी पूर्व विधायक का नाम लिखने को लेकर स्वयं के खर्च पर शिला पट्टिका बनाकर उद्घाटन करवा रहे हैं। पार्षद ने खुद ने बना दी शिलान्यास पटि्टका। वार्ड 64: वर्तमान विधायक का नाम हटाया, पूर्व विधायक का लिखा… वार्ड पार्षद जगदीश गुर्जर ने वार्ड 64 में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में पिछले पांच साल के विकास कार्यों के छह शिलालेख एक साथ बनाए गए। पार्षद ने महापौर राकेश पाठक से शिला पट्टिका में पूर्व विधायक विठ्ठल शंकर अवस्थी का नाम लिखने को कहा। इस पर महापौर ने प्रोटोकॉल का हवाला दिया और वर्तमान विधायक का नाम लिखने की बात कही। इस पर नाराज होकर पार्षद गुर्जर ने स्वयं ही अपने खर्चे से छह शिला लेख लिखवा लिए और विधायक अशोक कोठारी का नाम हटा कर उनके स्थान पर पूर्व विधायक अवस्थी का नाम लिखवा दिया। वार्ड 63|नेता प्रतिपक्ष ने स्वयं के खर्चे से नगर निगम के नाम से शिला पट्टिकाएं बनवाई… 22 जनवरी को प्रोटोकॉल की अवहेलना की गई। सबसे ऊपर पूर्व मंत्री धीरज गुर्जर का नाम लिख दिया। सांसद दामोदर अग्रवाल का नाम गुर्जर के साथ लिखा गया। पट्टिका में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा के नाम के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवराम खटीक का नाम लिख दिया।


