अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर काली घाट के पास शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर कबाड़ का व्यवसाय का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व में कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने युवक कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ रविवार को नेशनल हाईवे 43 पर चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने तीन दिनों में अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, नेशनल हाईवे 43 के किनारे ग्राम पंचायत अजिरमा में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर जायसवाल ट्रेडिंग कंपनी द्वारा कबाड़ का व्यवसाय संचालित किया जा रहा है। कबाड़ का सामान नेशनल हाईवे के किनारे तक फैला दिया जाता है। इसका कई बार ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कई बार अवैध कब्जा हटाने की मांग की। इसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। हाईवे पर चक्काजाम, कार्रवाई का आश्वासन
रविवार को युवक कांग्रेस नेताओं के साथ ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन का अमला और पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। आंदोलनकारियों की मांग थी कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा हटाया जाए और कबाड़ व्यवसाय को तुरंत बंद किया जाए। अंबिकापुर तहसीलदार उमेश कुमार बाज ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और दो से तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का लिखित आश्वासन दिया। तीन दिनों में अतिक्रमण हटाने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और चक्काजाम समाप्त किया। आंदोलनकारियों ने बताया कि शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण के कारण पंचायत भी उक्त भूमि का उपयोग नहीं कर पा रही है। यह जमीन नेशनल हाईवे से लगी है और बहु-उपयोगी है। यदि प्रशासन तीन दिनों में कार्रवाई नहीं करती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।


