किसी को लीगल नोटिस भेजना हो, किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करनी हो या फिर अवैध प्लाटिंग के मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज करानी हो। इन सभी का अधिकार जोन कमिश्नरों को मिल गया है। निगम कमिश्नर विश्वदीप ने सोमवार को नगर निगम एक्ट 1956 की धारा 292 के तहत विधिक कार्रवाई के लिए सभी जोन कमिश्नरों को धारा 396 की शक्तियां दी है। निगम कमिश्नर ने सभी जोन कमिश्नरों को यह आदेश दिया है कि वे उन्हें दी गई विधिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए कार्रवाई करें और इसकी जानकारी उन्हें दें। नगर निगम के जोन कमिश्नरों को कानूनी अधिकार दिया जा रहा है। जोन क्षेत्र में होने वाले अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग, तोड़फोड़ या अन्य किसी मामलों में कानूनी कार्रवाई का अधिकार सीधे जोन कमिश्नरों के पास होगा। पहले यह अधिकार सिर्फ नगर निगम कमिश्नर को होता था। जोन से प्रकरण निगम मुख्यालय भेजे जाते थे। निगम कमिश्नर के अनुमोदन के बाद प्रकरणों पर विधिक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पुलिस को भेजा जाता था। अब सीधे जोन कमिश्नर यह निर्णय ले सकेंगे।


