भास्कर न्यूज| लुधियाना सिविल अस्पताल में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब इमरजेंसी के बाहर अवैध पार्किंग से परेशान 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि इमरजेंसी गेट के बाहर प्राइवेट गाड़ियों और पुलिस वाहनों का जमावड़ा रहता है कि एंबुलेंस को अंदर लगाना तक मुश्किल हो जाता है। हालात ऐसे बन जाते हैं कि मरीजों को लेकर पहुंची एंबुलेंस लंबे समय तक बाहर ही फंसी रहती हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों ने बताया कि वे फील्ड से मरीज को समय पर रेस्क्यू कर लेते हैं, लेकिन असली संघर्ष अस्पताल पहुंचने के बाद शुरू होता है। इमरजेंसी गेट पर खड़ी गाड़ियों के कारण एंबुलेंस को अंदर ले जाना संभव नहीं हो पाता। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार गंभीर मरीजों को सिर्फ इसलिए समय पर स्ट्रेचर तक नहीं पहुंचाया जा सका, क्योंकि रास्ता पूरी तरह जाम था। अपनी नाराजगी जताते हुए 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक अस्पताल के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर एंबुलेंस खड़ी कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि लोग अपनी गाड़ियां रॉन्ग साइड और जहां जगह दिखे वहीं खड़ी कर देते हैं। प्राइवेट वाहनों के साथ-साथ पुलिस की गाड़ियां भी नो-पार्किंग जोन में खड़ी रहती हैं। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. अखिल सरीन ने कहा कि हालात को सुधारने को लेकर गंभीर हैं। अस्पताल परिसर के लिए विशेष नो-पार्किंग बोर्ड तैयार कर लिए गए हैं, जिन्हें जल्द ही अलग-अलग स्थानों पर लगाया जाएगा। इसके साथ ही 108 एंबुलेंस के लिए एक स्थायी पार्किंग एरिया भी चिन्हित किया जाएगा, ताकि मरीजों को लाने-ले जाने में किसी तरह की परेशानी न हो और आपात सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।


