नागौर में बजरी खनन के अवैध कारोबार को लेकर अब पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। 1 सब इंस्पेक्टर (एसआई), 1 हेड कॉन्स्टेबल और 3 कॉन्स्टेबल की भूमिका बजरी के अवैध कारोबार में संलिप्त पाई गई है। पुलिस के डिकॉय ऑपरेशन में इन 5 पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद डीआईजी ओमप्रकाश के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में तत्कालीन थांवला थानाधिकारी सूरजमल को 17 सीसीए का नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा 1 हेड कॉन्स्टेबल व 3 कॉन्स्टेबल को भी 17 सीसीए का नोटिस जारी करते हुए लाइन हाजिर किया गया है। अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश ने बताया कि अवैध बजरी में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की शिकायत पर पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने डिकॉय ऑपरेशन चलाया। आलनियावास व रोहिसा इलाके के खनन क्षेत्र में डिकॉय ऑपरेशन की रिपोर्ट टीम ने उच्चाधिकारियों को सौंपी। इस रिपोर्ट में थांवला के तत्कालीन थानाधिकारी समेत 5 पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। मंगलवार को अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश के निर्देश पर अवैध बजरी खनन में लिप्त पाए गए हेड कॉन्स्टेबल चंद्रगुप्त और कॉन्स्टेबल शंकर लाल मीणा, विजय सिंह और गोविंद राम को लाइन हाजिर किया गया है। इसके साथ थांवला के तत्कालीन थानाधिकारी सूरजमल को 17 सीसीए का नोटिस जारी किया गया है। जिले के अधिकारियों को दी थी सूचना परिवादी की ओर से जिला पुलिस अधिकारियों को भी सूचना दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने डिकॉय ऑपरेशन करके रिपोर्ट सौंपी। ऐसे में जिले के अन्य कई पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। 5 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद थांवला और पादूकलां पुलिस थाने के कार्मिकों में हड़कंप मचा हुआ है। आलनियावास क्षेत्र में बजरी खनन को लेकर लगातार प्रशासन को शिकायतें की जाती हैं। डिकॉय ऑपरेशन रिपोर्ट के बाद अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। इन पुलिसकर्मियों की भूमिका की अन्य कई एजेंसी भी जांच करने में जुट गई हैं। वहीं डिकॉय ऑपरेशन की रिपोर्ट में अन्य कई पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। डीआईजी ओमप्रकाश ने बताया कि दोषी कार्मिकों पर कार्रवाई की जाएगी।


