पश्चिमी राजस्थान में अचानक गर्मी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रात का पारा इन दिनों 20.4 डिग्री है। इससे रबी की फसलों को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। इधर मौसम विभाग ने बुधवार दोपहर बाद शिव और जैसलमेर से सटे इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। बादलों के छाए रहने से सर्दी गायब हो गई और पारा बढ़ गया। दिन का पारा 36 डिग्री तक पहुंच गया था। फरवरी में मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी पड़ने लगी। क्लाइमेट तेजी से बदल रहा है। इस बार नवंबर तक सर्दी ने दस्तक नहीं दी थी। इसके बाद दिसंबर और जनवरी में सर्दी पड़ी, लेकिन पिछले सालों की तुलना में बहुत कम थी। अब फरवरी की शुरूआत के साथ ही तापमान अचानक बढ़ गया और गर्मी आ गई। क्लाइमेट बदलने के साथ ही बीमारियां भी बढ़ी है। मंगलवार काे बाड़मेर का अधिकतम पारा 33.8 और न्यूनतम 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जीरा-ईसबगोल की फसलें अब जल रही अचानक गर्मी बढ़ने से जीरा और ईसबगोल की फसलों में जबरदस्त नुकसान हुआ है। इस बार देरी से फसलों की बुवाई की गई। इसके बाद अब फसलों को अंकुरित हुए दो-ढाई महीने ही हुए हैं। अब फूल लगने के साथ ही बीज बनने की स्थिति में है। ऐसे में दिन का तापमान 36 डिग्री पार पहुंचने से अधपकी फसलें जल गई हैं। ग्लोबल कंडीशन बदलने से इस बार समय से पहले गर्मी आई है। पश्चिमी राजस्थान में इसका खास असर देखने को मिलेगा। 19 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, इससे पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर-बालोतरा-जैसलमेर के कुछ ग्रामीण इलाकों में दोपहर बाद हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद 21-22 फरवरी से उत्तरी हवाएं चलेगी। इससे तापमान में करीब 2-3 डिग्री तक गिरावट होगी। गर्मी बढ़ने से रबी फसलों को नुकसान की संभावना है, सिंचाई ही उपाय है।


