भास्कर न्यूज | गांधीनगर क्षेत्र में अवैध बालू और कोयला चोरी की रफ्तार तेज हो गई है, जिससे सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, जबकि माफिया मालामाल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले एक माह से ट्रैक्टर से बालू उठाव बंद है, जिसकी वजह आपसी वर्चस्व की लड़ाई बताई जा रही है। हालांकि बेरमो स्टेशन के समीप खटाल के पीछे से बालू उठाव लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि अब ट्रैक्टर की जगह रात के अंधेरे में हाइवा से बालू उठाव किया जा रहा है। राम विलास प्लस टू स्कूल के पास चलकरी को जोड़ने वाले दामोदर नदी पुल के नीचे से बड़े पैमाने पर बालू निकाली जा रही है। इससे नदी का तल पुल के पिलर तक पहुंच गया है, जिससे पिलरों के कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। इस संबंध में जेई हिमांशु कुमार ने बताया कि नदी के तल से अवैध या अत्यधिक बालू उठाव पुल के खंभों के लिए बेहद खतरनाक होता है। इससे पिलरों के आसपास की मिट्टी हट जाती है और उनकी नींव कमजोर हो जाती है। तेज बहाव या बाढ़ के समय पानी सीधे खंभों से टकराता है, जिससे नीचे की मिट्टी कटने लगती है, जिसे इंजीनियरिंग भाषा में स्कॉर कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पुल पिलर के आसपास 250 से 500 मीटर के दायरे में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। लगातार हो रहे अवैध बालू उठाव से पुल के झुकने या धंसने का खतरा बढ़ गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


