अवैध शराब बिक्री पर भड़के कुआकोंडा के ग्रामीण, बुलाई बैठक

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा रविवार को कुआकोंडा में तो सोमवार को हितावर गांव में बैठक हुई जिसमें हितावर सरपंच हड़मे, भीमा, कुआकोंडा के गणेश, मंगू मंडावी सहित और भी ग्राम पंचायत के निर्वाचित वार्ड पंच शामिल थे। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कुआकोंडा में खेल मैदान और खेतों में शराब की बोतलें फैली हुई हैं, बोतलों को तोड़ने से मवेशी और इंसान सभी घायल हो रहे हैं, बच्चे बिगड़ रहे हैं। अवैध शराब बिक्री पर पुलिस और आबकारी विभाग रोक नहीं लगा पा रहे हैं। जिले में वैसे तो 4 शराब की दुकान हैं पर अवैध शराब दुकानों की संख्या जिले में 100 से अधिक हैं। कुआकोंडा, कटेकल्याण, बारसूर में सरकारी शराब की दुकानें नहीं हैं पर यहां हर ब्रांड की शराब और ठंडी बियर कोचिए उपलब्ध करवा देते हैं। जिले में बचेली, किरंदुल, दंतेवाड़ा, गीदम में ही शराब दुकान हैं, इन्हीं दुकानों से और उड़ीसा, मध्यप्रदेश की शराब दंतेवाड़ा में खुलेआम बेची जा रही है, आबकारी और पुलिस विभाग इसको रोक पाने में नाकाम हो रहे हैं। जहां शराब की भट्टी भी हैं वहां भी अवैध शराब बिकती है। दुकानें रात को 10 बजे बंद हो जाती हैं। इसके बाद कोचियों के पास से शराब बिकती है। कुआकोंडा और हितावर के ग्रामीणों द्वारा नई शराब दुकान खोलने की अनुमति नहीं देने की भी बात कही। कुआकोंडा ग्राम पंचायत में अब अवैध शराब की बिक्री को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है, गांव में शराब बेचते पकड़े जाने वालों पर 20 हजार का जुर्माना लगाने का फैसला ग्राम पंचायत द्वारा लिया गया है। ग्राम पंचायत के द्वारा इसके लिए बैठक आयोजित की गई थी जिसमें ये फैसला लिया गया है। कुआकोंडा के ग्रामीण अब अपनी पंचायत के साथ-साथ इससे लगी हुई ग्राम पंचायत में जाकर बैठक कर वहां भी अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सहमति बना रहे हैं। जिले में 3 नई दुकान प्रस्तावित एक को भी नहीं मिली सहमति दंतेवाड़ा में 3 नई शराब दुकान खोलने की तैयारी थी, पर आबकारी विभाग को इसमें सफलता नहीं मिल पाई, जिला आबकारी अधिकारी इकबाल खान ने बताया कटेकल्याण, कुआकोंडा, बारसूर में दुकान खोलने के लिए ग्राम पंचायतों से सहमति नहीं मिल पाई है, जिसकी वजह से दुकान नहीं खुल पाएंगी।

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