शहर के प्रमुख इलाकों में फुटपाथों पर अतिक्रमण ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। हमीदिया रोड, न्यू मार्केट, बोर्ड ऑफिस, 10 नंबर मार्केट, जहांगीराबाद और चूना भट्टी जैसे क्षेत्रों में फुटपाथों पर दुकानों और विज्ञापन बोर्डों ने कब्जा जमा लिया है। इससे सड़कें संकरी हो गई हैं और जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है। न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि भोपाल के करीब 90% फुटपाथों पर अतिक्रमण हो चुका है। न्यू मार्केट : पैदल चलने वालों के लिए मुश्किल न्यू मार्केट में फुटपाथों पर बनी अस्थायी दुकानों के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। वाहन सड़क पर अनियमित तरीके से खड़े रहते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों दोनों को परेशानी होती है। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथों पर चलना नामुमकिन हो गया है, जिससे उन्हें सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसके चलते दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। हबीबगंज रोड : झुग्गियां और दुकानें बनी बाधा हबीबगंज रोड के फुटपाथों पर झुग्गियों और दुकानों का कब्जा है। इससे पैदल यात्रियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। लोग मजबूरन सड़कों पर चलते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। यह अतिक्रमण न केवल राहगीरों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि पूरे यातायात तंत्र को अस्त-व्यस्त कर रहा है। पीरगेट से हमीदिया रोड : जाम, दुर्घटनाओं का खतरा पीरगेट से हमीदिया रोड तक फुटपाथों पर खाने-पीने की दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने कब्जा कर रखा है। इस कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन इलाकों में अक्सर जाम लग जाता है, जिससे यात्रियों का समय और धैर्य दोनों बर्बाद होता है। साथ ही, दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी बढ़ गई है। नगर निगम का दावा : निरंतर कार्रवाई जारी फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए निगम लगातार कार्रवाई करता रहता है। अवैध रूप से लगी दुकानों को 15 दिन के लिए जब्त कर लिया जाता है। उन पर जुर्माना लगाया जाता है। साथ ही, अवैध साइन बोर्ड को भी हटाकर उन पर जुर्माना वसूला जाता है। यह अभियान नगर निगम द्वारा निरंतर चलाया जाता है और किसी भी स्थिति में इसे रोका नहीं जाता।
-वरुण अवस्थी, अपर आयुक्त, नगर निगम जहांगीराबाद : फुटपाथों पर दुकानों का कब्जा जहांगीराबाद के लिली टॉकीज चौराहे पर कपड़ों की अस्थायी दुकानों ने फुटपाथ पर कब्जा कर लिया है। नगर निगम से अनुमति प्राप्त होने के बावजूद, इन दुकानों का संचालन यातायात में बाधा बन रहा है। फुटपाथ पर जगह न होने के कारण राहगीर सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे यातायात जाम और दुर्घटनाएं आम होती जा रही हैं। स्थानीय लोग इस समस्या से बेहद परेशान हैं और इसके समाधान की मांग कर रहे हैं। अतिक्रमण से इन इलाकों में फुटपाथ ही गायब भारत टॉकीज रोड, पीरगेट, हमीदिया रोड, भोपाल टॉकीज से सिंधी कॉलोनी चौराहा, रॉयल मार्केट, मोतिया तालाब रोड, चौक बाजार, लखेरापुरा, घोड़ा नक्कास, सुल्तानिया रोड, मंगलवारा, मॉडल ग्राउंड, शाहजहांनाबाद, जहांगीराबाद, नूरमहल रोड, जेपी नगर से डीआईजी बंगला चौराहा, सेंट्रल लाइब्रेरी के पास इतवारा रोड, बरखेड़ी ऐशबाग फाटक और कमला पार्क समेत कई इलाकों में अतिक्रमण से फुटपाथ पूरी तरह से गायब हो चुके हैं। समाधान -अतिक्रमण पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए अतिक्रमण रोकने के लिए भारी जुर्माना वसूलने की आवश्यकता है। इसके अलावा, जिन स्थानों पर फुटपाथ की ऊंचाई 15 सेंटीमीटर से अधिक है, उनकी ऊंचाई कम की जानी चाहिए ताकि लोग आसानी से उनका उपयोग कर सकें। फुटपाथ निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नियमों के अनुसार, फुटपाथ की चौड़ाई 1.8 मीटर होनी चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर यह 4.8 मीटर तक है, जो अनुचित है। प्रशासन को इस पर ध्यान देकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि फुटपाथ का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और यातायात व्यवस्था में सुधार हो।
– डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े, एक्सपर्ट, ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्ट (मैनिट)


