अशोक गहलोत बोले- गलती करने वालों को कीमत चुकानी होगी:कहा- अफसर सुनते नहीं, कड़ाई से पेश आएं सीएम, रेप केस रोंगटे खड़े कर रहे

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही हावी है। मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की कोई सुनता नहीं है। मुख्यमंत्री को कड़ाई से पेश आना होगा। मैं कहना चाहता हूं हर गलती कीमत मांगती है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो कीमत चुकानी होगी। उदयपुर यात्रा पर आए गहलोत आज यहां मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने कहा कि पूरे प्रदेश के अंदर एक के बाद एक रेप की घटनाएं हो रही हैं। आंकड़े निकाल ​कर देख लीजिए। रेप के केस से रोंगटे खड़े हो जाते हैं, इसमें कोई राजनीति नहीं हो सकती है। बांसवाड़ा का रेप केस दिल्ली का निर्भया कांड के जैसा केस है। सरकार की जिम्मेदारी है कि कानून व्यवस्था और इकबाल को कायम रखे। भय से ही ऐसे केस रुकेंगे। इकबाल जब सरकार और पुलिस का होगा तब लोग शिकायत दर्ज कराने का साहस करेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के केसों का कई दिनों तक मालूम ही नहीं पड़ा। घर वाले भी बदनामी से डरते हैं। ऐसे मामलों में सरकार और पुलिस को संज्ञान लेना चाहिए, उनको मालूम होता है। सरकार की मदद करें गहलोत ने कहा कि राज्य में ये हरकतें बढ़ेगी तो पूरे प्रदेश के अंदर आने वाले समय में समाज में स्थिति बिगड़ ​सकती है। पक्ष हो या विपक्ष सबकी जिम्मेदारी बनती है कि अपराधियों में कैसे भय पैदा हो, इसके लिए सरकार की मदद करें। आज राजस्थान में कोई सुनने वाला नहीं है। जनता कह रही है कि किसको कहें। जुमला बना गया कि सरकार नाम की चीज ही नहीं है, किसको शिकायत करें। गलती की है तो सजा तो मिलेगी उन्होंने कहा कि मैं सीएम भजनलाल शर्मा को कहना चाहता हूं कि इस माहौल को तोड़ना चाहिए। राजनीति की बात नहीं कर रहा हूं उनकी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की अफसरों के सामने चलती नहीं है। यहां तक मुख्यमंत्री की भी नहीं सुनते हैं। सीएम के हित में है कि ऐसी स्थिति में वे कड़ाई से पेश आएं। मैंने कहा था कि हर गलती कीमत मांगती है, आज भी कह रहा हूं, इन्होंने गलती की है तो कीमत चुकानी होगी। गलती करने वालों पर एक्शन लें, इससे कोई दुश्मनी थोड़ी हो जाएगी, गलती की है तो सजा तो मिलेगी। चुनाव की मांग करने वालों के खिलाफ केस बना रहे उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया विवि की कुलगुरु की विवादित टिप्पणी पर गहलोत बोले कि पद पर बैठे व्यक्ति को ध्यान रखना चाहिए कि कोई अनावश्यक नहीं बोले। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ने आवाज उठाई छात्रसंघ चुनाव कराने की, मैं सरकार से पूछ रहा हूं कि चुनाव क्यों नहीं करा रहे हैं, भाजपा शासित दिल्ली में चुनाव हो रहे हैं। क्या भजनलाल सरकार को इतना भय है कि कहीं चुनाव हार नहीं जाए। कोई भी पार्टी के हो चुनाव की मांग कर रहे हैं। चुनाव मैंने ही शुरू कराए, मैंने चुनाव दो बार खोले थे। यहां एनएसयूआई के छात्रों के खिलाफ केस बनाए जा रहे हैं ये क्या नीति है। खुशी है परमाणु ऊर्जा परियोजना धरातल पर आ रहा
बांसवाड़ा में 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परमाणु ऊर्जा परियोजना के शिलान्यास पर गहलोत ने कहा कि जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बने तो इस पर काम शुरू हुआ था। ऐसी योजनाओं को पूरा होने में समय लगता है। उन्हें खुशी है कि अब वह काम धरातल पर आ रहा है। प्रधानमंत्री इसका शिलान्यास कर रहे हैं। उम्मीद करता हूं इस काम को समय पर पूरा किया जाना चाहिए, क्योंकि पूर्व में रिफाइनरी का प्रोजेक्ट 38 हजार करोड़ में पूरा होना था, लेकिन 1 लाख करोड़ के आसपास उसकी लागत हो गई है। बांसवाड़ा प्रोजेक्ट की दुर्गति ऐसी नहीं हो। इससे पहले वे उदयपुर के एमबी अस्पताल में बांसवाड़ा में दरिंदगी का शिकार हुई पीड़िता और परिजनों से मिले और डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य को लेकर जानकारी ली। सुबह एयरपोर्ट पर किया स्वागत इससे पहले सुबह महाराणा प्रताप हवाई एयरपोर्ट डबोक पर पूर्व मंत्री अर्जुन बामनिया, कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, संदीप चौधरी, धर्मेंद्र सिंह राठौड़, पुष्कर डांगी, मांगीलाल गरासिया, पंकज कुमार शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष कचरूलाल चौधरी आदि ने स्वागत किया।

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