भिंड से असम में तैनात आईटीबीपी जवान सुनील सिंह कुशवाह ड्यूटी के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में शहीद हो गए। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे जवान ने सात दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन अंततः इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बुधवार को आईटीबीपी की विशेष टुकड़ी शहीद जवान का पार्थिव शरीर लेकर भिंड जिले के मेहगांव तहसील अंतर्गत उनके पैतृक गांव खैराली पहुंची। गांव में जैसे ही शहीद का शव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए शव को गांव में रखा गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और जनप्रतिनिधि पहुंचे। इसके बाद गांव में शव यात्रा निकाली गई, जो मुक्तिधाम पहुंची। यहां आईटीबीपी के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। पूरे सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि मृतक के छोटे भाई रवि कुशवाह ने दी। इस दौरान हर आंख नम थी और “सुनील अमर रहें” के नारे गूंजते रहे। बताया गया कि 35 वर्षीय सुनील सिंह कुशवाह असम में आईटीबीपी की यूनिट में तैनात थे। 27 दिसंबर को ड्यूटी के दौरान एक हादसे में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। साथी जवानों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए गुवाहाटी के अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार सुनील करीब 75 प्रतिशत तक झुलस चुके थे। इलाज के दौरान 3 जनवरी को उन्होंने अंतिम सांस ली। पार्थिव शरीर देखकर पत्नी बेसुध
शहादत की सूचना मिलते ही परिजन गुवाहाटी पहुंचे। पिता मुरारी सिंह कुशवाह अपने बेटे के अंतिम क्षणों में उसके पास मौजूद रहे। बुधवार को जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पत्नी ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और वह बेसुध हो गईं। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें संभाला। सुनील दो भाइयों में सबसे बड़े थे और उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो छोटी बेटियां हैं। पूरे गांव में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल, जनपद अध्यक्ष पति रामकेश बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि, आईटीबीपी के अधिकारी, गांव के वरिष्ठजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने शहीद जवान के बलिदान को नमन करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।


