स्थायी कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन:नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और ईपीएफ कटौती की मांग, आंदोलन की चेतावनी

धार में स्थायी कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने स्थायी कर्मियों, संविदा पर्यवेक्षकों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और ईपीएफ कटौती की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन किया जाएगा। प्रांतीय आह्वान पर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पदाधिकारी प्रांतीय आह्वान पर संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार शाम को धार कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर आशा परमार को यह ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संघ के संरक्षक बी.आर. चौहान, प्रदेश सचिव एवं पर्यवेक्षक राखी देवड़ा, जिला उपाध्यक्ष जगदीश वर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जिला अध्यक्ष रानी जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। ज्ञापन में बताया गया कि स्थायी कर्मी, संविदा पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं पिछले 15 से 25 वर्षों से बहुत कम मानदेय पर लगातार सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अभी तक नियमित नहीं किया गया है। सातवां वेतनमान और मूलभूत सुविधाओं की मांग संघ ने मांग की है कि इन कर्मचारियों को नियमित कर सातवां वेतनमान दिया जाए। साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के समान चिकित्सीय सुविधा, अवकाश और अनुग्रह राशि जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रदान की जाएं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ग को समाप्त करने का निर्णय अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। संघ ने चेतावनी दी कि इसके दूरगामी परिणाम सुखद नहीं होंगे। ईपीएफ नहीं कटने से महिलाएं परेशान महिला एवं बाल विकास विभाग के संविदा पर्यवेक्षकों का ईपीएफ किसी भी जिले में नहीं काटा जा रहा है। सेवानिवृत्ति या आकस्मिक निधन की स्थिति में उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती, जिससे महिलाओं को जीवन-यापन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने ईपीएफ कटौती और नियमितीकरण की मांग दोहराते हुए कहा कि अगर मांग पूरी नहीं की गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन की रहेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *