ये तस्वीर रायपुर के दाऊ कल्याण सिंह सुपर-स्पेशियलिटी (डीकेएस) अस्पताल की है, जहां छत पर बने ऑडिटोरियम-नुमा कमरे में बड़ी संख्या में कुर्सियां धूल खाती पड़ी है। वहीं अस्पताल के भीतर, बरामदे और पार्किंग क्षेत्र में लोग चादर बिछाकर सोने के लिए मजबूर हैं। ठंड के इस मौसम में लोगों को कुर्सियां भी नसीब नहीं हो रही है, जबकि अस्पताल में जगह और संसाधन की कमी नहीं है। यह दृश्य अव्यवस्था, लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रतीक है, जहां सुविधा कागजों तक सीमित है और हकीकत में लोगों को खुले में सोना पड़ रहा है। इधर, इस मामले में जब अस्पताल की अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा से बात की गई तो उन्होंने फोन पर कुछ नहीं बताने और आकर मिलने की बात कहकर कॉल काट दिया।


