रामबाग स्थित जलियांवाला बाग शहीद मेमोरियल सिविल अस्पताल में पार्किंग की जगह कम होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टरों को भी अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह ढूंढने में परेशानी हो रही है। शहर के मुख्य चिकित्सा केंद्र होने के कारण यहां रोजाना हजारों मरीज पहुंचते हैं, लेकिन वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से उन्हें मुश्किलों से जूझना पड़ता है। अस्पताल में मरीजों के आने-जाने के लिए चार गेट बनाए गए हैं, जिनमें से तीन मुख्य गेटों पर पार्किंग की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। ठेकेदार द्वारा तीनों गेटों के रास्तों पर ही वाहनों को खड़ा करवाया जाता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार एंबुलेंस को भी जगह न मिलने के कारण मरीजों को अस्पताल के बाहर ही उतारना पड़ता है। कोरोना काल में बनाए गए कोविड सेक्शन के शेड के नीचे भी गाड़ियां पार्क की जा रही हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्किंग की कितनी कमी है। पार्किंग का टेंडर पहले 13 लाख का था जिसे इस बार रिन्यू करके 14 लाख का नया ठेका दिया गया हैं। नया ठेकेदार जल्द अपना काम शुरू करेगा। अस्पताल के पास पार्किंग की जगह की कमी है। काफी लंबे समय से इसका हल नहीं निकल रहा है। अस्पताल ने ठेकेदार को सख्त हिदायतें दी है कि किसी से अधिक पैसे नहीं लिए जाने चाहिए। अगर पैसे अधिक वसूलने को लेकर समस्या आती है तो परिजन बेझिझक उन्हें बता सकते हैं। अंडरग्राउंड पार्किंग को लेकर ऐसा कोई प्रपोजल अभी नहीं है। – स्वर्णजीत धवन, एसएमओ।


