उज्जैन-देवास हाईवे पर गुरुवार को दंपती ने अपने घर का सामान सड़क पर रखकर रास्ता रोक दिया। जाम के कारण सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंस गए। आखिर कलेक्टर की समझाइश के बाद जाम खुल सका। जाम करीब 45 मिनट लगा रहा। खातेगांव निवासी रामदयाल प्रजापत की किडनी खराब है और वह देवास स्थित अमलतास अस्पताल में इलाज करा रहा है। रामदयाल अस्पताल परिसर में ही झोंपड़ी बनाकर दो साल से रह रहा था। अस्पताल प्रबंधन कई बार उसे झोंपड़ी हटाने का बोल चुका था। बुधवार को इसी बात को लेकर अस्पताल के कर्मचारी से रामदयाल की कहासुनी हुई और प्रबंधन ने बुधवार रात में परिवार को सामान सड़क पर फेंकते हुए उन्हें परिसर से निकाल दिया। इससे नाराज रामदयाल ने अपनी पत्नी द्वारिका और बच्चों के साथ सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। पत्नी के साथ मारपीट का आरोप नाराज दंपति बच्चों के साथ गुरुवार सुबह उज्जैन जिले के सिंगावदा गांव के पास उज्जैन-देवास रोड पर पहुंच गया और अपना सामान सड़क पर रखकर बैठ गया। इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। रामदयाल का आरोप है कि पत्नी के साथ मारपीट की गई है। रामदयाल का कहना है कि पहले भी अस्पताल प्रबंधन ने उसे हटाने की कोशिश की थी। मामले की शिकायत पुलिस से की गई, पर अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी बात तक नहीं सुनी और अब उन्हें निकाल दिया गया। कलेक्टर के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और दंपति की समस्या सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दंपति ने जाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका।


