अस्मिता के लिए एक हुआ 35 समाज, किसानों ने ली सदस्यता

भास्कर न्यूज| महासमुंद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और बसंत पंचमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ में एक नई क्रांति का आगाज हुआ है। सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले राज्य के 35 समाजों ने एक सुर में छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता बचाने का संकल्प लिया है। ग्राम पंचायत सिरपुर में सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। संयोजक जागेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में शुरू हुए इस व्यापक सदस्यता अभियान में पहले ही दिन हजारों लोग शामिल हुए। कवर्धा के बीहड़ वनों से लेकर पाटन और सिरपुर तक, हर जगह किसानों ने हुंकार भरी है। अभियान के नेताओं ने स्पष्ट किया कि पुरखों और महापुरुषों (शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गुरु घासीदास ) की प्रतिमाओं के अपमान का बदला, अब समाज को संगठित करके लिया जाएगा। 26 जनवरी को आयोजित होने वाली रथ यात्रा इस आंदोलन को और धार देगी। एक मंच पर आए साहू, गोंड, लोधी और सतनामी समाज, सदस्यता अभियान में शामिल हुए। अनिल दुबे और जागेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में बैगा, लोधी, कुर्मी, कोलता, सतनामी और पटेल समाज सहित 35 अलग-अलग समाजों के प्रतिनिधियों ने सदस्यता ग्रहण की। इस महा-अभियान का मुख्य उद्देश्य बाहरी ताकतों द्वारा डाली जा रही फूट को रोकना और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की रक्षा करना है। कवर्धा के रेंगखार और पाटन के मोतीपुर में हुई सभाओं में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे गांव-गांव जाकर इस मुहिम को जनआंदोलन बनाएंगे। सिरपुर में 100 से अधिक किसानों ने ली सदस्यता : तुमगांव और सिरपुर क्षेत्र में अशोक कश्यप के नेतृत्व में हुए अभियान में 100 से अधिक लोगों ने मौके पर ही सदस्यता ली। समाज के नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बाहरी शोषकों के खिलाफ अब हर गांव एक किले में तब्दील होगा। अनिल दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानियों की अगुवाई में प्रदेश में सामाजिक एकता की नई इबारत लिखी जा रही है। जागेश्वर प्रसाद (संयोजक), अनिल दुबे, अशोक कश्यप सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। शहीद वीर नारायण सिंह और डॉ. खूबचंद बघेल की प्रतिमाओं के अपमान से आक्रोशित छत्तीसगढ़िया किसान समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। संयोजक जागेश्वर प्रसाद ने ऐलान किया है कि सदस्यता अभियान तो बस शुरुआत है, असली शक्ति प्रदर्शन 26 जनवरी को छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा के रूप में दिखेगा। सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के सदस्यता अभियान ने महासमुंद, कवर्धा, और पाटन जैसे क्षेत्रों में भारी सफलता हासिल की है।

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