कोडरमा थाना क्षेत्र के चिगलाबर गांव में शनिवार रात सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। विसर्जन में शामिल महिला और पुरुषों पर गांव के ही कुछ लोगों ने लाठी, डंडे और कुदाल से हमला कर दिया। इस हमले में 15 से 20 लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस रात में ही मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। महिलाओं का वीडियो बनाने पर हुआ विवाद पीड़ितों के अनुसार हरिजन समाज के लोग वर्षों से आपसी सहयोग से सरस्वती पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं। प्रतिमा का विसर्जन पूजा स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर किया जाता है। शनिवार रात भी महिला-पुरुष नाचते-गाते प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने महिलाओं का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिलाओं द्वारा इसका विरोध किए जाने पर पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक विवाद में बदल गई। लोगों पर हमला और घरों में तोड़फोड़ का आरोप आरोप है कि कुछ देर बाद मुकेश यादव, मुन्ना यादव, अनमोल यादव, सूरज यादव सहित बड़ी संख्या में लोग लाठी, डंडे, कुदाल और अन्य घातक हथियार लेकर मौके पर पहुंचे। इन लोगों ने विसर्जन में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। हमले में कई लोगों के सिर, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं, हमलावरों ने कई घरों में घुसकर गेट, कुर्सी, टेबल सहित अन्य घरेलू सामानों में तोड़फोड़ कर नुकसान भी पहुंचाया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। रविवार सुबह घायलों और उनके परिजनों ने कोडरमा थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


