वन विभाग ने जब्त की गाड़ी को छुड़ाने के एवज में 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए डूंगरपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों (ACB) यूनिट ने उदयपुर में कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो वनरक्षकों को पकड़ा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी डूंगरपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए उदयपुर के खेरवाड़ा वन रेंज में वनरक्षक महेश कुमार मीणा और विजेश अहारी को वन नाका कातरवास में रिश्वत की राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि एसीबी डूंगरपुर को एक शिकायत मिली थी कि परिवादी और उसका पार्टनर मिलकर लकड़ी का व्यापार करते है। 29 नवंबर को को परिवादी ने फलासिया से ट्रक नम्बर GJ09AU1283 मे निलगिरी व सेमल की लकडी भरकर परिवादी के गांव के ही चालक को ट्रक से ले जाकर खेरवाडा पहुंचाने और परिवादी के पार्टनर ने दूसरी गाडी नम्बर RJ27GB4806 को झाडोल से निलगिरी की लकडी भरकर खेरवाडा भैरूलाल सुथार के वहाँ ले जाने की जिम्मेदारील वाहन चालकों को दी। गुप्ता ने बताया कि गाड़ी का बिल भी था और 30 नवंबर की सुबह 8 बजे परिवादीगण को सूचना मिली की दोनो गाड़ी उदयपुर के खेरवाड़ा स्थित वन विभाग नाका कातरवास वालो ने पकड ली है। परिवादीगण की लकडी से भरी गाडी नम्बर GJ09AU1283 को बिना कोई कार्यवाही किये छोड़ने की एवज मे आरोपीगण द्वारा रिश्वत राशि की मांग की जा रही थी। जिस पर 30 नवंबर को को रिश्वत राशि मांग का सत्यापन कराया गया जिसमें आरोपी महेश कुमार मीणा,विजेश अहारी वनरक्षकों परिवादी से रिश्वत राशि 80,000 रुपए लेने को लेकर सहमत हुए। एसीबी के उप महानिरीक्षक प्रथम डॉ रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी डूंगरपुर के प्रभारी रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में सीआई कार्रवाई को अंजाम देते हुए आरोपी वरनरक्षक महेश कुमार मीणा व विजेश अहारी वन नाका कातरवास को रिश्वत की राशि 80,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों डिटेन किया गया।


