भास्कर न्यूज| चाईबासा जिला समाहरणालय स्थित सभागार में बुधवार को उपायुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता एवं अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो मांझी व अन्य पदाधिकारियों तथा प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समाज कल्याण एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में संचालित स्वच्छ आंगनबाड़ी कार्यक्रम से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में स्वच्छ आंगनबाड़ी पुरस्कार से संबंधित विभिन्न घटकों एवं मानकों का कुशल संचालन से संबंधित अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ आंगनबाड़ी कार्यक्रम के क्रियान्वयन से जमीनी स्तर पर स्वच्छता एवं स्वास्थ्य से संबंधित समाज को एक नई दिशा प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक पंचायत में अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा बालक-बालिकाओं, गर्भवती एवं धात्री माताओं तक स्वच्छता व कुपोषण उपचार का संदेश पहुंचाया जा सकता है। उपायुक्त ने कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित कर उपलब्ध संसाधन एवं साझा प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्रों की सुधार योजना बनाने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यशाला में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा माता और बच्चों के लिए वास कार्यक्रम के महत्व तथा इसके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार से संबंधित बातों को रखा गया। यूनिसेफ से डॉ. लक्ष्मी रंजन सक्सेना द्वारा वास कार्यक्रम के विभिन्न घटकों और स्वच्छ आंगनबाड़ी पुरस्कार की पहल पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।


