छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटी जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद राज्य सरकार सख्त हो गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित कर दी है। साथ ही विभाग को 15 दिन में प्राथमिक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। बतादें कि, मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई थी कि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर और सरगुजा जैसे जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में जो खाद्य और पोषण सामग्री वितरित की जा रही है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। इसके बाद 7 मई को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। जांच टीम में तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञ शामिल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने विभाग को एक बार फिर रिमाइंडर लेटर लिखकर कार्रवाई तेज करने के लिए कहा। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने विशेष जांच टीम का गठन किया। इस टीम में संयुक्त संचालक (वित्त), महिला एवं बाल विकास, प्रबंध संचालक, सीएसआईडीसी के प्रतिनिधि, प्राचार्य, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर द्वारा नामित तकनीकी विशेषज्ञ, संबंधित जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संचालक, आईसीडीएस (संयोजक), तकनीकी जांच के लिए आईआर क्लास सिस्टम एंड सॉल्यूशन प्रा. लि. एवं एसजीएस इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह टीम रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर और सरगुजा जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भौतिक जांच करेगी। टीम आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जा रही सामग्रियों की भौतिक जांच यानी जो सामग्री मौके पर दी जा रही है, वो वजन, पैकेजिंग, और उपयोग के लायक है या नहीं इसकी बारीकी से जांच होगी। इसके साथ ही गुणवत्ता जांच के लिए सैंपल लेकर छत्तीसगढ़ शासन से मान्यता प्राप्त लैब में टेस्ट भी कराए जाएंगे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने साफ कहा है कि यह विष्णु देव साय की सुशासन वाली सरकार है। इसमें पारदर्शिता सबसे पहली प्राथमिकता है। यदि जांच में कोई अधिकारी या सप्लायर दोषी पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता की सेवा के लिए है, और लोगों तक गुणवत्तायुक्त सामग्री पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।


