भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर कोरिया जिला मुख्यालय के पुलिस लाइन क्षेत्र में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 7 लाख रुपए ठग लिए गए। प्रार्थी की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी विनय नागपुरे और उसकी पत्नी स्नेहा नागपुरे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। प्रार्थी जनक राम तिवारी पुलिस लाइन बैकुंठपुर की कर्मचारी कॉलोनी में ठेकेदार हैं। यहीं उनकी जान-पहचान पड़ोसी विनय नागपुरे से हुई, जो पुलिस लाइन में ही पदस्थ है। बातचीत के दौरान विनय ने दावा किया कि उसकी मंत्रालय में अच्छी पकड़ है और वह पहले भी कई लोगों की नौकरी लगवा चुका है। उसने जनक राम की बेटी गार्गी को आंगनबाड़ी सुपरवाइजर बनवाने के बदले 10 लाख रुपए की मांग की। शुरुआत में प्रार्थी को संदेह हुआ, लेकिन आरोपी की पत्नी स्नेहा नागपुरे ने विश्वास दिलाने के लिए अपने स्टेट बैंक का ब्लैंक चेक सुरक्षा के तौर पर दे दिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि यदि नौकरी नहीं लगी, तो चेक के जरिए पैसे वापस लिए जा सकते हैं। इस झांसे में आकर जनक राम ने बेटी की शादी के लिए संचित रखे 7 लाख रुपए (5 लाख और 2 लाख की दो किस्तों में) आरोपियों को सौंप दिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब नियुक्ति नहीं हुई, तो प्रार्थी ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोपी दंपत्ति लगातार टालमटोल करते रहे। थक-हारकर जब प्रार्थी ने बैंक में ब्लैंक चेक जमा किया, तो वह अमान्य हो गया। बार-बार दबाव बनाने पर आरोपी विनय ने केवल 1 लाख 45 हजार रुपए लौटाए, जबकि 5 लाख 55 हजार रुपए अब भी बकाया हैं। परेशान होकर प्रार्थी ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस अब मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।


