भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड अंतर्गत बरसैता के हुरीटांड़ टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। सरकारी योजनाओं के दावों के विपरीत इस केंद्र में बच्चों को बीते एक साल से अंडा नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों एवं सहायिका के अनुसार प्रतिदिन बच्चों को भोजन में सिर्फ खिचड़ी ही दी जाती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को निर्धारित पोषण आहार नहीं मिलने से उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं इस संबंध में जब सहायिका से पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि जो सामग्री सेविका द्वारा दी जाती है, उसी से बच्चों के लिए भोजन बनाया जाता है। निरीक्षण के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। आंगनबाड़ी केंद्र में बीते डेढ़ सालों से गैस चूल्हा के अभाव में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। सहायिका कविता देवी ने बताया कि लकड़ी के चूल्हे से पूरा कमरा धुएं से भर जाता है, जिससे बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की ओर से सिर्फ गैस सिलेंडर दिया गया है, लेकिन चूल्हा आज तक उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं सुपरवाइजर पूनम देवी ने इन तमाम समस्याओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और संबंधित सेविका से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक मासूम बच्चे लापरवाही की कीमत चुकाते रहेंगे और कब आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचेगा।


