छतरपुर जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों में सहायिका पद पर चयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्राम लोधिनपुरवा निवासी कल्पना राजपूत सहित दो आवेदिकाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आवेदिकाओं का कहना है कि ग्राम पंचायत और परियोजना अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर पैसे लेकर बाहरी महिलाओं को चयन सूची में शामिल किया, जिससे स्थानीय पात्र उम्मीदवारों को मौका नहीं मिल सका। कल्पना राजपूत के अनुसार, वर्ष 2023 में चयन सूची में उनका नाम प्रथम था और वे गांव की स्थायी निवासी हैं, फिर भी चयन के समय उनकी जगह दूसरी महिला को शामिल कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चयनित प्रत्याशी सत्यप्रभा यादव न तो ग्राम पंचायत बकस्वाहा क्षेत्र की निवासी हैं और न ही उनके निवास सम्बंधित दस्तावेज नियमों के अनुसार हैं, इसके बावजूद चयन समिति ने कथित रूप से मनमानी करते हुए उनका चयन कर लिया। इसी तरह कुंवरपुर निवासी अवधेशा राजपूत के परिवार का कहना है कि चयन पहले अवधेशा के नाम से हुआ था, लेकिन जिले में फाइल पहुंचने पर उनके अंक कथित रूप से कम कर दिए गए और दूसरी महिला को लाभ दिलाया गया। चयन में सरकार के नियमों के उल्लंघन के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि चयन में गरीबी रेखा के अंक, स्थानीयता और निवास जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों को नजरअंदाज कर दिया गया, जो शासन के B-12 निर्देशों का सीधा उल्लंघन है। लोगों ने यह भी दावा किया कि चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर पैसे का लेन-देन हुआ है और गांव की योग्य महिलाओं को जानबूझकर बाहर कर दिया गया। इस संबंध में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी दिनेश दीक्षित से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र आवेदकों को न्याय मिल सके।


