मऊगंज के हनुमना थाना क्षेत्र में भाठी गांव के पास एक सड़क हादसे में प्रदीप शुक्ला (48) की मौत हो गई। घटना मंगलवार देर रात की है। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और थाने का घेराव किया। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया है कि उसके पिता पर आदिवासी युवकों ने हमला कर हत्या की, जबकि पुलिस इसे प्रारंभिक तौर पर सड़क हादसा मान रही है। सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से टकराई बाइक दरअसल, तिलिया गांव निवासी प्रदीप शुक्ला अपने 17 साल के बेटे सत्यम के साथ हनुमना बाजार से बाइक पर घर लौट रहे थे। रास्ते में भाठी गांव के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर से उनकी बाइक टकरा गई। इस हादसे में एक आदिवासी युवक भी घायल हुआ था। बेटा बोला-कुछ युवकों ने पिता पर किया हमला मृतक के बेटे सत्यम ने पुलिस को बताया कि हादसे के बाद कुछ आदिवासी युवक मौके पर पहुंचे और उसके पिता प्रदीप शुक्ला पर हमला कर दिया। सत्यम के अनुसार, वह डरकर वहां से जान बचाकर भागा और सुबह गांव के एक व्यक्ति के घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। सत्यम का दावा है कि ट्रैक्टर के पास मौजूद ‘छंगा कोल’ सहित कई आदिवासी युवकों ने उसके पिता को पीट-पीटकर मार डाला। उसने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उसके पिता को इतनी बुरी तरह पीटा कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों की आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग घटना के बाद बुधवार सुबह से ही परिजन और ग्रामीण पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार करते रहे। दोपहर तक बड़ी संख्या में परिजन हनुमना थाने पहुंच गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे। थाने परिसर में भीड़ बढ़ने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब 2 बजे एसडीओपी सची पाठक थाने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल यह मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।


