लुधियाना| आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन (सीटू) पंजाब, जिला लुधियाना ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों और हेल्परों की लंबित मांगों को लेकर 12 फरवरी को बड़ा धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यूनियन के जिला प्रधान सुभाष रानी, सचिव सुरजीत कौर और वित्त सचिव सतपाल संधू ने बताया कि आंगनवाड़ी मुलाजिम लंबे समय से सरकार की नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार आंगनवाड़ी सेवाओं के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों से लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उनके मानदेय में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं की गई। इसके अलावा रिटायरमेंट लाभ, पेंशन, नियमित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों और हेल्परों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। यूनियन ने बताया कि 50 साल की उम्र पार कर चुकी आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों को जबरन हटाने की नीति का भी विरोध किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि 12 फरवरी को होने वाला धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो संघर्ष को राज्य स्तर पर और व्यापक किया जाएगा।


