नीमच जिले के ग्राम आंतरी में हुए हादसे में मनासा पुलिस द्वारा बिजली कंपनी के कर्मचारियों पर दर्ज की गई एफआईआर को लेकर अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा में नाराजगी है। सोमवार दोपहर संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कलेक्टर-एसपी को ज्ञापन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ड्यूटी खत्म होने के बाद हुआ हादसा संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन में बताया कि 18 नवंबर को जिस समय दुर्घटना हुई, उस समय उपकेंद्र पर तैनात परीक्षण सहायक विक्रम कछावा और श्रमिक अर्जुन व अमरूलाल अपनी ड्यूटी पूरी कर चुके थे। हादसा शाम करीब 5:30 बजे हुआ, जबकि इन कर्मचारियों की शिफ्ट दोपहर 4 बजे ही समाप्त हो चुकी थी। बिना परमिट के चल रहा था काम मोर्चा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ई-स्पैन कंपनी द्वारा बिना ‘परमिट टू वर्क’ के केबल बदलने का कार्य कराया जा रहा था। जिस फीडर पर दुर्घटना होने की बात कही जा रही है, वह उस समय बंद था। स्मार्ट मीटर के एमडीएम पोर्टल की रिपोर्ट से भी यह स्पष्ट होता है कि फीडर पर बिजली चालू नहीं थी और आइसोलेटर कटा हुआ था। तकनीकी रिपोर्ट के बिना एफआईआर का आरोप संयुक्त मोर्चा ने आपत्ति जताई कि पुलिस ने विद्युत सुरक्षा विभाग और कार्यपालन यंत्री की तकनीकी रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। उनका कहना है कि यह कार्रवाई तथ्यों के विपरीत और एकतरफा है। एफआईआर निरस्त करने की मांग ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए। डिजिटल साक्ष्यों और ड्यूटी चार्ट के आधार पर निर्दोष कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर को तत्काल निरस्त किया जाए, ताकि विभाग में भय का माहौल खत्म हो सके।


