भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आंदोलन के अंतिम दिन बुधवार को महासमुंद में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। जिला मुख्यालय के लोहिया चौक पर सैकड़ों की संख्या में जुटे कर्मचारियों ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर हल्ला बोला और स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आगामी समय में प्रदेश का कामकाज पूरी तरह ठप्प कर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। फेडरेशन के जिला संयोजक टेकराम सेन ने कहा, प्रदेश के 4.50 लाख कर्मचारी सड़कों पर हैं। इससे सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है। इसके बावजूद सरकार की ओर से संवाद की पहल न करना निंदनीय है। कर्मचारी सरकार के साथ विकास में कंधा से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं, लेकिन सरकार को भी अपने चुनावी वादे यानी मोदी की गारंटी को निभाना होगा। उन्होंने 11 सूत्री मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग दोहराई। धरना स्थल पर वक्ताओं ने प्रमुख रूप से महंगाई भत्ता और एरियर्स की राशि को लेकर अपनी बात रखी। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि हमें अपने ही हक के पैसे और चोरी हुई एरियर्स राशि के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जो चिंताजनक है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार का यह अड़ियल रवैया आने वाले समय में उसके लिए घातक साबित हो सकता है। इस मौके पर दिलीप तिवारी, संदीप तिवारी, डॉ. रामकुमार चंद्राकर, चिंताराम साहू, ईश्वर चंद्राकर, राजेश सोनी, सिराज बक्स, अशोक गिरि गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में फेडरेशन के पदाधिकारी व विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।


