आईईएम बीमारी से शिश​ुओं को बचाने दिए टिप्स

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के बायो केमेस्ट्री विभाग द्वारा इन बॉर्न एरर्स ऑफ मेटाबॉलिज्म आईईएम फ्रॉम बेंच बेड साइड विषय पर सीएमई कार्यशाला संपन्न हुई। राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षकों और पीजी के मेडिकल स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। नवजातों की हीमोलिटिक बीमारी में लाल रक्त कोशिका मां के खून में एंटी बॉडीज से नष्ट हो सकती है। लाल रक्त कोशिकाओं की अनुवांशिक असामान्यता है तो लाल रक्त कोशिका नष्ट होती उल्टी में रक्त, पित्त दिखे, सांस फुले तो बीमारी का लक्षण है। इससे बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को इस बीमारी से बचाने पर विशेषज्ञों ने टिप्स दिए। यह बीमारी नवजातों में आनुवांशिक विकार के कारण होती है। सीएमई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीन डॉ. पीएम लुका, अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर रहे। अन्य अतिथियों में डॉ. अनिल बरन चौधरी विभागाध्यक्ष बायो केमेस्ट्री विभाग मौजुद रहे। डीन डॉ. पीएम लुका ने कहा चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों और शोध से अपडेट रहने ऐसे आयोजन जरूरी होते है। मरीजों को लाइफ स्टाइल और डाइट में बदलाव जरुरी: डॉ. अजय कोसम विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ ने नवजातों में मेटावोलिक डिसऑर्डर की नई तकनीक से इलाज और निदान की जानकारी दी। एम्स रायपुर से पहुंची डॉ. तृप्ति सिंग नाइक प्राध्यापक शिशु रोग विभाग ने बताया वर्तमान में लाइफ स्टाइल एवं डाइट में बदलाव से आईईएम के मरीज सामान्य जीवन जी सकते है। डॉ. रोहित डेविड सहायक प्राध्यापक पीएसएम विभाग ने बताया भारत में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। बायो केमेस्ट्री विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पुष्पेन्द्र नरेटी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में आईईएम की जांच एवं इलाज शुरू होगा यह अग्रणी संस्था बनेगा। जांच और इलाज में लैब की महत्वपूर्ण भूमिका डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर ने बताया यह एक ऐसी बीमारी है जिसका समय रहते पता लगाना और इलाज के लिए लैब जांच की अहम भूमिका रहती है। गेस्ट स्पीकर एम्स रायपुर से पहुंचे डॉ. अतुल जिंदल विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ ने नॉन स्पेसिफिक क्लूज, रिकॉग्नाइजिंग आईईएम अक्रॉस, लाइफस्पन, न्यूरोलॉजिकल लक्षण और जांच की जानकारी दी। इससे बच्चों में शुरआती लक्षणों से इन बॉर्न एरर्स डिसीज का पता लगाया जा सकता है। एम्स रायपुर से पहुंची डॉ. सुप्प्रवा पटेल प्राध्यापक बायो केमेस्ट्री ने आईईएम की पहचान के लिए रक्त जांच एवं जेनेटिक की जानकारी दी।

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