शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट का मामला आपसी समझौते के साथ सुलझ गया है। डॉक्टर राघव और मरीज अर्जुन के बीच सहमति बनने के बाद दोनों पक्षों ने मीडिया के सामने एक-दूसरे से और प्रदेशवासियों से माफी मांगी। समझौते के दौरान डॉक्टर राघव और मरीज अर्जुन ने एक-दूसरे को गले लगाकर विवाद समाप्त करने का संदेश दिया। दोनों ने कहा कि यह घटना अचानक हुई थी और अब इसे आपसी बातचीत व समझदारी से सुलझा लिया गया है। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने मध्यस्थता की। नरेश चौहान ने बताया कि यह विवाद किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर अब केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।नरेश चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार डॉक्टर राघव के टर्मिनेशन आदेश को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है, ताकि मामले का न्यायसंगत समाधान हो सके। मरीज अर्जुन के माता-पिता ने भी समझौते पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से मामला सुलझ जाना सभी के हित में है और इसके लिए उन्होंने प्रशासन व मध्यस्थता करने वालों का आभार जताया।इस समझौते के बाद आईजीएमसी में बीते दिनों से चल रहे तनाव के खत्म होने की उम्मीद है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य होने का रास्ता साफ हुआ है। अन्फॉर्चुनेट थी घटना डॉ राघव ने कहक की यह घटना अन्फॉर्चुनेट थी। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी मांगी है आगे से ऐसे गलती नही करेंगे । वहीं मरीज अर्जुन ने भी कहा डॉ ने माफी मांगी है हमने भी माफी दी है।। इसके अलावा हमारी वजह से हॉस्पिटल में जो अन्य मरीजो को समस्या हुई उसके लिए हम प्रदेश वासियों से माफी मांगते है म


