आईटीएम के दिव्यांशु से हारकर भी सिल्वर जीते भरतपुर के कृष्णा, क्योंकि ये दो ही पहलवान लड़े

स्पोर्ट्स रिपोर्टर| भरतपुर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की कुश्ती प्रतियोगिता शुक्रवार को समाप्त हो गई। पूरे टूर्नामेंट में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) पंजाब का दबदबा साफ नजर आया। एलपीयू ने महिला और पुरुष दोनों वर्गों में ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की। महिला फ्री स्टाइल में एलपीयू की पहलवानों ने तीन गोल्ड और तीन सिल्वर जीतकर 135 अंक हासिल किए और पहले स्थान पर रहीं। पुरुष वर्ग (फ्री स्टाइल व ग्रीको रोमन) में भी एलपीयू ने तीन गोल्ड और एक सिल्वर के साथ 119 अंक बनाकर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी हरियाणा दूसरे और गुरू काशी यूनिवर्सिटी पंजाब तीसरे स्थान पर रही। महिला वर्ग में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी दूसरे और चितकारा यूनिवर्सिटी तीसरे स्थान पर रहीं। खेलों के परिणामों में जितना नाम एलपीयू का रहा, उतनी ही चर्चा एक खास मेडल की भी रही, जो जीतकर नहीं, हारकर मिला। भरतपुर के कृष्णा महाराजा सूरजमल ब्रज यूनिवर्सिटी की ओर से उतरे, ग्रीको रोमन के 130 किलो वर्ग में खेले। इस वेट कैटेगरी में केवल दो ही पहलवान उतरे। मुकाबले में कृष्णा को आईटीएम यूनिवर्सिटी के दिव्यांशु ने 9-3 से हरा दिया, लेकिन प्रतिभागियों की संख्या कम होने के कारण नियमों के तहत कृष्णा को सीधा सिल्वर मेडल मिल गया। इस बार कुश्ती मैट पर मेडल की गिनती जितनी रही, उतनी ही चर्चा इस बात की भी कि कई पहलवान नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) की जांच के डर से खेलने ही नहीं उतरे। कई वजन वर्गों में 2-3 खिलाड़ी ही मौजूद रहे, जिसके चलते कई पहलवान बिना ज्यादा मुकाबले के ही पदक लेकर लौटे। पंजाब के फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में मेडल टेबल पर 42 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। कुश्ती प्रतियोगिता में भी इसी का दबदबा देखने को मिला। तीनों वर्गों में इसके खिलाड़ियों ने 6 गोल्ड सहित 12 मेडल जीते और पुरुष-महिला दोनों चैंपियनशिप अपने नाम की। एलपीयू पिछले साल भी खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में उपविजेता रही थी। एलपीयू सिर्फ यूनिवर्सिटी नहीं, खेलों का हब बन चुकी है। यहां नेशनल, एशियन और वर्ल्ड लेवल के खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप पर पढ़ाया जाता है। यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग की पूरी जिम्मेदारी भी खुद उठाती है और खिलाड़ियों को इंटरनेशनल लेवल के कोच उपलब्ध कराती है। सॉफ्टबॉल के इंटरनेशनल कोच अभिषेक पवार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में लगभग 45 हजार छात्र पढ़ते हैं, जिनमें बड़ी संख्या विदेश से भी आती है। कैंपस में सभी इंडोर-आउटडोर गेम्स के इंटरनेशनल स्टैंडर्ड स्टेडियम बने हुए हैं और हर गेम के लिए अलग-अलग प्रोफेशनल कोच मौजूद हैं। कुश्ती में गोल्ड जीतने वाली और पांच बार भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुकीं अंजली भी एलपीयू में पढ़ाई करती हैं। यूनिवर्सिटी हर उस खिलाड़ी से संपर्क करती है जिसने नेशनल या इंटरनेशनल में मेडल जीता हो और उसकी पढ़ाई-प्रैक्टिस दोनों को सपोर्ट करती है।

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