आईसीयू-वेंटिलेटर का चार्ज तो निजी से भी ज्यादा यदि आप गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराने जा रहे हैं और आयुष्मान कार्ड नहीं है, तो अधिक रुपये का इंतजाम करके जाएं। जेएएच परिसर में स्थित सरकारी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रदेश के अन्य सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सबसे महंगा है। यहां डायलिसिस सहित कई इलाज तो निजी अस्पतालों से भी महंगे हैं। पैसे अधिक खर्च करने के बाद भी यहां मरीजों के परिजन जांचों के लिए परेशान होते हैं। इस पर सुपर स्पेशलिटी के अधीक्षक की दलील है कि संभागायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति ने आयुष्मान रेट लागू करने का निर्णय लिया था। केंद्र सरकार ने ग्वालियर, इंदौर, रीवा और जबलपुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनवाए, ताकि मरीजों को सरकारी स्तर पर विशेषज्ञ उपचार मिले। जेएएच में ग्वालियर-चंबल संभाग ही नहीं टीकमगढ़, छतरपुर व उप्र-राजस्थान तक से मरीज इलाज कराने आते हैं। यहां आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज मुफ्त है, लेकिन बिना कार्ड वालों से अधिक शुल्क वसूला जाता है। जैसे ग्वालियर में भर्ती शुल्क 200 रुपये है, जबकि जबलपुर में 100 और इंदौर-रीवा में 10 रुपए ही है। 1 मेडिकल कॉलेज के दो अस्पताल, नियम अलग
जीआरएमसी के अधीन जेएएच और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नियमों में बड़ा फर्क है। जेएएच के मेडिसिन विभाग में मरीजों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा मिलती है, लेकिन सुपर स्पेशलिटी में बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीज से प्रति डायलिसिस 1725 रु. वसूले जाते हैं। शासन के आदेश के बावजूद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कहीं भी रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है। अधीक्षक ने इसे जरूरी नहीं समझा, जिससे मरीजों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। यहां रेट भी ज्यादा… ग्वालियर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कलर डॉप्लर का शुल्क 600 रुपए है। पेशाब की थैली में पथरी यूआरएसएल का शुल्क लोअर 40250 रुपए और अपर में 48875 रुपए है। हार्निया का 18200 रुपए, पित्त की थैली का कैंसर के ऑपरेशन का शुल्क 40 हजार से 50 हजार रुपए तक है। एसिड पीने वाले मरीज का ऑपरेशन शुल्क 40 हजार रु. और कोरोसिन का 80 हजार रुपए शुल्क है। ^सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्डधारी मरीजों का इलाज निशुल्क होता है। कार्ड ना होने पर आयुष्मान के तहत तय दरों पर इलाज किया जाता है। यह निर्णय संभागायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में लिया था।
-डॉ. गिरजाशंकर गुप्ता, अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जीआरएमसी ^सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रेट मेरे कार्यकाल से पहले निर्धारित किए गए थे। अगर रेट में विसंगतियां हैं तो उसे दूर करने के लिए प्रदेश के प्रदेश के अन्य शासकीय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से रेट लिस्ट मंगवाई जाएगी और उनकी समीक्षा करेंगे।
-डॉ. आरकेएस धाकड़, डीन जीआरएमसी डीन से जानकारी लेकर रेट ठीक कराएंगे ग्वालियर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के रेट अगर प्राइवेट से ज्यादा हैं तो डीन से जानकारी लेकर इसे ठीक कराया जाएगा। -तरुण राठी, आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा


